बॉलीवुड के मशहूर हास्य अभिनेता राजपाल यादव एक बार फिर चेक बाउंस के गंभीर मामले में कानूनी शिकंजे में बुरी तरह फंस गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई के दौरान अभिनेता के रवैये पर गहरी नाराजगी जताई और उन पर जमकर अपनी भड़ास निकाली। कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि राजपाल यादव का आचरण अदालत के प्रति बिल्कुल भी सम्मानजनक नहीं है और उनके इस टालमटोल भरे रवैये तथा घमंड का इलाज करना अदालत अच्छे से जानती है। जजों ने यहाँ तक कह दिया कि अभिनेता कोर्ट रूम में भी अपना अभिनय दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी यह एक्टिंग अब किसी भी कीमत पर काम नहीं आने वाली है।
वादे से मुकरे अभिनेता: दो करोड़ की जगह सिर्फ पचास लाख का ड्राफ्ट पेश
इस पूरे विवाद की मुख्य वजह अदालत के पिछले आदेश का पालन न करना है। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व में राजपाल यादव को अंतरिम राहत देते हुए अपनी रजिस्ट्री में पांच करोड़ रुपये जमा करने की शर्त रखी थी। पिछली सुनवाई में अभिनेता के वकीलों ने भरोसा दिलाया था कि आज यानी सोमवार को कम से कम दो करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट कोर्ट में पेश कर दिया जाएगा। हालांकि, तय तारीख पर जब वकील सिर्फ पचास लाख रुपये का ही डिमांड ड्राफ्ट लेकर पहुँचे, तो बेंच ने इस पर तीखे सवाल खड़े कर दिए और पूछा कि तय समय सीमा समाप्त होने के बावजूद पूरा पैसा क्यों नहीं जमा किया गया।
पंद्रह साल पुराना विवाद: ऐसे शुरू हुई थी राजपाल यादव की कानूनी मुश्किलें
यह पूरा मामला साल 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी निर्देशित फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग पाँच करोड़ रुपये का भारी कर्ज लिया था। फिल्म रिलीज होने में देरी हुई और बाद में वित्तीय लेन-देन को लेकर विवाद गहरा गया। जब अभिनेता ने पैसे लौटाने की कोशिश की, तो उनके द्वारा दिए गए सात चेक बाउंस हो गए। इसके बाद कंपनी ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत कानूनी रास्ता अपनाया, जिसके बाद ट्रायल कोर्ट और सेशंस कोर्ट से लेकर दिल्ली हाई कोर्ट तक उन्हें दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई जा चुकी है।
अगली सुनवाई पर टिकी नजरें: क्या अब जेल जाना तय है?
दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा तीन महीने की जेल और सवा करोड़ से अधिक के जुर्माने के फैसले को चुनौती देने वाली राजपाल यादव की याचिका पर अब सुप्रीम कोर्ट बुधवार को फिर से सुनवाई करेगा। अदालत ने संकेत दिया है कि अभिनेता के लगातार बदलते रुख और नियमों की अनदेखी के चलते उनकी इस याचिका को सीधे खारिज करने पर भी विचार किया जा सकता है। अदालत की इस सख्त रुख से साफ है कि यदि बुधवार को कोई पुख्ता कदम नहीं उठाया गया, तो अभिनेता की मुश्किलें और अधिक बढ़ सकती हैं।
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