सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के कथित वसूली मामले में अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज को लेकर दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से अहम फैसला सामने आया है। विशेष अदालत ने उन्हें इस मामले में अतिरिक्त आरोपी के तौर पर तलब करने की मांग को खारिज कर दिया। यह याचिका मामले में आरोपी नवास कक्कड़ की ओर से दाखिल की गई थी। कक्कड़ को संयुक्त अरब अमीरात से भारत लाया गया था। याचिका में जैकलीन समेत कुछ लोगों तक कथित तौर पर सुकेश की रकम से महंगे उपहार पहुंचने का दावा किया गया था।
गवाहों के बयानों को लेकर अदालत ने जताई आपत्ति
विशेष न्यायाधीश गगनदीप सिंह ने कहा कि जैकलीन को आरोपी बनाने की मांग मुख्य रूप से सह-आरोपी पिंकी ईरानी के बयान पर आधारित है। अदालत के अनुसार, उस बयान को पूरी तरह स्वीकार कर लेने के बाद भी उन लोगों की भूमिका स्पष्ट नहीं होती, जिन्हें सुकेश के निर्देश पर महंगे सामान या उपहार दिए जाने की बात कही गई है। कोर्ट ने ड्रेस डिजाइनर लीपाक्षी के बयान का भी जिक्र किया और कहा कि उससे भी कथित लाभार्थियों की भूमिका इस स्तर पर साफ नहीं होती। इसी वजह से अदालत ने उपलब्ध सामग्री को नए आरोपी को तलब करने के लिए पर्याप्त नहीं माना।
धारा 319 के तहत नहीं बना आधार
नवास कक्कड़ की याचिका में आरोप लगाया गया था कि उसने कथित अपराध से हासिल रकम को अलग-अलग जगह रखने, ट्रांसफर करने और बैंक खातों के जरिए लेनदेन की व्यवस्था करने में मदद की। दावा यह भी था कि इसी रकम का इस्तेमाल फिल्म जगत से जुड़ी हस्तियों को महंगे उपहार देने के लिए किया गया। हालांकि अदालत ने कहा कि मौजूदा सामग्री के आधार पर इस चरण में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 319 के तहत किसी नए व्यक्ति को आरोपी के रूप में बुलाने का पर्याप्त आधार नहीं है। इसी टिप्पणी के साथ कोर्ट ने कक्कड़ की याचिका खारिज कर दी।
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