बॉलीवुड के मशहूर सिंगर और रैपर बादशाह एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। इस बार उनके नए हरियाणवी गाने ‘टटिहरी’ को लेकर हरियाणा राज्य महिला आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। गाने के बोल और वीडियो में दिखाए गए कुछ दृश्यों को लेकर आयोग ने आपत्ति जताई है। आयोग का कहना है कि गाने की कुछ पंक्तियां और वीडियो का प्रस्तुतिकरण महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचा सकता है। इसी वजह से आयोग ने सिंगर को आधिकारिक समन जारी कर सुनवाई में उपस्थित होने का आदेश दिया है। गाना रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। कुछ लोग गाने का समर्थन कर रहे हैं, तो कई लोग इसे अनुचित बताते हुए कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
गाने के बोल और वीडियो पर उठे सवाल
हाल ही में रिलीज हुए हरियाणवी गाने ‘टटिहरी’ ने कुछ ही दिनों में काफी सुर्खियां बटोर ली हैं। लेकिन लोकप्रियता के साथ-साथ इस गाने ने विवाद भी खड़ा कर दिया है। महिला आयोग का कहना है कि गाने के कुछ बोल ऐसे हैं जो महिलाओं के प्रति गलत संदेश दे सकते हैं। इसके अलावा गाने के वीडियो में कुछ ऐसे दृश्य भी दिखाए गए हैं जिन्हें आयोग ने आपत्तिजनक बताया है।
आयोग के मुताबिक, वीडियो में कुछ लड़कियों को स्कूल ड्रेस में दिखाया गया है, जिस पर भी सवाल उठाए गए हैं। आयोग का कहना है कि सांस्कृतिक गीतों में इस तरह की प्रस्तुति समाज पर गलत प्रभाव डाल सकती है। यही कारण है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सिंगर को नोटिस जारी किया गया है। इस विवाद के बाद से गाने पर बहस तेज हो गई है और कई सामाजिक संगठनों ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
महिला आयोग ने भेजा समन, तय हुई सुनवाई की तारीख
हरियाणा राज्य महिला आयोग ने 6 मार्च 2026 को इस मामले में आधिकारिक समन जारी किया है। समन में सिंगर बादशाह का असली नाम आदित्य प्रतीक सिंह सिसोदिया दर्ज किया गया है और उन्हें इस मामले में प्राथमिक उत्तरदायी बताया गया है। आयोग ने निर्देश दिया है कि सिंगर को तय तारीख पर उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना होगा।
इस मामले की सुनवाई *3 मार्च 2026 को सुबह 11:30 बजे पानीपत स्थित डीसी कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में रखी गई है। आयोग के अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस को भी निर्देश दिया है कि सुनवाई के दौरान सभी संबंधित पक्षों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। आयोग का कहना है कि अगर गाने के कंटेंट में वास्तव में आपत्तिजनक तत्व पाए जाते हैं, तो आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है। इस समन के बाद से बादशाह के फैंस और संगीत इंडस्ट्री के लोगों की नजरें अब इस सुनवाई पर टिकी हुई हैं।
विवादों से पुराना नाता, पहले भी घिर चुके हैं बादशाह
यह पहली बार नहीं है जब बादशाह किसी गाने को लेकर विवाद में आए हों। इससे पहले भी उनके कई गानों के बोल और म्यूजिक वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ चुकी है। कई बार उन पर गानों में भड़काऊ या दोहरे अर्थ वाले शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है।
हालांकि दूसरी ओर बादशाह के समर्थकों का कहना है कि वह एक क्रिएटिव कलाकार हैं और उनके गाने मनोरंजन के उद्देश्य से बनाए जाते हैं। कई फैंस का मानना है कि हरियाणवी और पॉप म्यूजिक में इस तरह की शैली आम होती है। फिलहाल इस मामले में अंतिम फैसला सुनवाई के बाद ही सामने आएगा। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सुनवाई के दौरान बादशाह क्या सफाई देते हैं और आयोग इस विवाद पर क्या कदम उठाता है। अगर आयोग को गाने में आपत्तिजनक सामग्री मिलती है तो गाने पर प्रतिबंध या बदलाव जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।








