आखिरी ओवर तक थम गई थीं सांसें! फाइनल में पहुंचने के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बताया मैदान का असली माहौल

टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ एक बेहद रोमांचक और यादगार जीत दर्ज की। इस मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट खोकर 253 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। जवाब में इंग्लैंड की टीम ने भी जोरदार लड़ाई दिखाई और लक्ष्य का पीछा करते हुए आखिरी ओवर तक मुकाबले को जीवित रखा, लेकिन भारतीय गेंदबाजों के संयम और फील्डिंग की सटीकता ने अंत में मैच भारत की झोली में डाल दिया। इंग्लैंड की टीम सात विकेट के नुकसान पर 246 रन ही बना सकी और भारत ने सात रन से मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बना ली है। मैच के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने इस जीत को पूरी टीम की मेहनत का नतीजा बताया और कहा कि यह पल खिलाड़ियों के लिए बेहद खास और यादगार है।

‘दिल की धड़कन 160-175 तक पहुंच गई थी’, कप्तान ने कबूली घबराहट

मैच खत्म होने के बाद जब सूर्यकुमार यादव से इस रोमांचक मुकाबले के बारे में पूछा गया तो उन्होंने खुलकर बताया कि मैदान पर वह काफी तनाव में थे। कप्तान ने कहा कि मैच के दौरान उनकी दिल की धड़कन काफी तेज हो गई थी और एक समय ऐसा भी आया जब यह 160 से 175 के बीच पहुंच गई थी। उन्होंने बताया कि जब टीम मैदान पर उतरी तो स्टेडियम का माहौल बेहद उत्साहपूर्ण था और लगभग 80 प्रतिशत दर्शक पहले से ही अपनी सीटों पर मौजूद थे। ऐसे माहौल में खेलना हर खिलाड़ी के लिए रोमांचक होने के साथ-साथ दबाव भरा भी होता है। सूर्यकुमार यादव ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि टीम ने अपने प्रदर्शन से दर्शकों को शानदार मुकाबला देखने का मौका दिया होगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे बड़े मैचों में घबराहट होना स्वाभाविक है, लेकिन खिलाड़ी उसी दबाव को ऊर्जा में बदलकर अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश करते हैं।

संजू सैमसन की शानदार पारी ने मजबूत किया भारत का स्कोर

इस मुकाबले में भारत के लिए सबसे बड़ी भूमिका बल्लेबाज संजू सैमसन ने निभाई। उन्होंने 89 रनों की शानदार पारी खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। सूर्यकुमार यादव ने सैमसन की बल्लेबाजी की जमकर तारीफ की और कहा कि जब वह बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरे तो उन्हें पूरी तरह पता था कि टीम को उनसे किस तरह की पारी की जरूरत है। कप्तान ने कहा कि सैमसन ने जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी की और टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया। उनके अलावा अन्य बल्लेबाजों ने भी तेजी से रन बनाकर स्कोर को मजबूत बनाया, जिससे इंग्लैंड के सामने बड़ा लक्ष्य खड़ा हो सका। सूर्यकुमार यादव ने यह भी बताया कि इंग्लैंड की टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए लगातार मुकाबले में बनी हुई थी और एक समय ऐसा लग रहा था कि मैच किसी भी तरफ जा सकता है।

गेंदबाजों और फील्डिंग ने पलटा मैच, अक्षर और हार्दिक बने हीरो

जब इंग्लैंड की टीम लक्ष्य का पीछा कर रही थी तब भारतीय गेंदबाजों और फील्डरों ने शानदार प्रदर्शन कर मैच का रुख बदल दिया। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने खास तौर पर जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और बाकी गेंदबाजों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने दबाव के क्षणों में बेहतरीन गेंदबाजी की। इसके साथ ही फील्डिंग भी भारत की जीत का बड़ा कारण बनी। अक्षर पटेल ने मैच में दो बेहद शानदार कैच पकड़े, जिसने इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव बढ़ा दिया। वहीं हार्दिक पंड्या ने अहम मौके पर इंग्लैंड के शतकवीर जैकब बेथलद को रन आउट कर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। सूर्यकुमार यादव ने टीम के फील्डिंग कोच टी. दिलीप की भी सराहना की और कहा कि खिलाड़ियों ने अभ्यास के दौरान अतिरिक्त मेहनत की है, जिसका असर अब मैदान पर साफ दिखाई दे रहा है। कप्तान ने कहा कि टीम अब फाइनल मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार है और खिलाड़ी उसी जोश के साथ मैदान में उतरेंगे।

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