भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी मनोज तिवारी ने हाल ही में ऐसा बयान दिया है, जिसने क्रिकेट फैंस को हैरान कर दिया। तिवारी ने कहा कि महेंद्र सिंह धोनी उन्हें कभी पसंद नहीं करते थे और इसी कारण उनके करियर को वह मुकाम नहीं मिल पाया, जिसका वे हकदार थे। तिवारी का मानना है कि जब भी वह अच्छा प्रदर्शन करते थे, इसके बावजूद उन्हें टीम से बाहर कर दिया जाता था। उन्होंने कहा कि चयन और मौके की कमी ने उनके अंतरराष्ट्रीय करियर को सीमित कर दिया।
कप्तान धोनी पर उठे सवाल
मनोज तिवारी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब क्रिकेट जगत धोनी की कप्तानी और उनकी उपलब्धियों को एक मिसाल मानता है। धोनी को भारत का सबसे सफल कप्तान माना जाता है, लेकिन तिवारी ने दावा किया कि व्यक्तिगत रिश्तों ने उनके चयन को प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि कई बार लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद उन्हें टीम इंडिया में खेलने का मौका नहीं दिया गया। इस दावे के बाद क्रिकेट एक्सपर्ट्स और फैन्स के बीच बहस छिड़ गई है।
फैंस की मिली-जुली प्रतिक्रिया
तिवारी के इस बयान ने सोशल मीडिया पर तूफान ला दिया है। कुछ प्रशंसक उनकी बात से सहमत हैं और मानते हैं कि कई खिलाड़ियों को धोनी के कार्यकाल में मौका नहीं मिला, जबकि अधिकतर फैंस धोनी का बचाव करते हुए कह रहे हैं कि कप्तान हमेशा टीम के हित में ही फैसले लेते थे। अब यह बयान क्रिकेट जगत में लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहेगा कि क्या सचमुच व्यक्तिगत पसंद-नापसंद ने भारतीय टीम की चयन नीति पर असर डाला था।