एशिया के दो पड़ोसी इस्लामिक देशों के बीच तनाव अब खुली सैन्य टकराव की शक्ल ले चुका है। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच दुरंद रेखा पर बीते कुछ दिनों से हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि बीती रात किए गए बड़े सैन्य अभियान में 55 से अधिक पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, कई घायल हुए और 19 सैन्य चौकियां नष्ट कर दी गईं। हालांकि पाकिस्तान की ओर से इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। दोनों देशों के बीच लगातार हो रहे हमलों ने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा दी है।
6 सेक्टरों में एक साथ हमले
अफगान रक्षा मंत्रालय और तालिबान सरकार के प्रवक्ता Zabihullah Mujahid के अनुसार, यह कार्रवाई पाकिस्तान की ओर से 22 फरवरी को किए गए हवाई हमलों के जवाब में की गई। दावा किया गया कि भारतीय समयानुसार रात 9 बजे से 1 बजे तक अफगान बलों ने कई सीमावर्ती इलाकों में मोर्टार, आर्टिलरी, टैंक और मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर से हमले किए।
जिन प्रमुख सेक्टरों को निशाना बनाया गया, उनमें पक्तिया-खुर्रम, कुनार-बाजौर, नंगरहार-खैबर तोरखम, खोस्त-मीरान शाह, पक्तिका-दक्षिण वजीरिस्तान और नूरिस्तान-डिर बॉर्डर शामिल बताए जा रहे हैं। अफगानिस्तान का कहना है कि 203 मंसूरी कोर और 201 खालिद बिन वालिद कोर ने इस अभियान को अंजाम दिया। सेना प्रमुख Muhammad Fasihuddin Fitrat कथित तौर पर कंट्रोल रूम से ऑपरेशन की निगरानी कर रहे थे।
‘55 से ज्यादा सैनिक मारे’ – अफगानिस्तान का बड़ा दावा
अफगान अधिकारियों के मुताबिक, इस सैन्य कार्रवाई में 55 से अधिक पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और कुछ सैनिकों को जिंदा पकड़ने का भी दावा किया गया है। साथ ही 19 सैन्य पोस्ट को नष्ट करने की बात कही गई है। अफगानिस्तान का यह भी कहना है कि उसके केवल 8 सैनिक मारे गए और 13 घायल हुए हैं।
सुबह 5:30 बजे के आसपास स्पिन बोल्डक-चमन और हेलमंद-बारामचा बॉर्डर पर भी संघर्ष शुरू हो गया, जिसके बाद कुल 8 सेक्टरों में झड़पें जारी होने की बात सामने आई। अफगान पक्ष ने यह भी कहा है कि पाकिस्तानी हमलों में उनके किसी नागरिक की मौत नहीं हुई। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी संभव नहीं है। पाकिस्तान की ओर से भी सीमित जानकारी ही साझा की गई है।
पुराना विवाद, नया विस्फोट – कैसे शुरू हुआ ताजा संघर्ष?
दोनों देशों के बीच यह ताजा संघर्ष 21 फरवरी 2026 से तेज हुआ, जब पाकिस्तान ने अफगान क्षेत्र में कथित तौर पर TTP और ISKP के ठिकानों पर हमले किए। पाकिस्तान का कहना था कि वह अपने सुरक्षा हितों की रक्षा कर रहा है, जबकि अफगानिस्तान ने इन हमलों में नागरिक हताहत होने का आरोप लगाया।
26 फरवरी की रात अफगानिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद हालात तेजी से बिगड़ गए। दुरंद रेखा को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से विवाद रहा है। पिछले साल Qatar की मध्यस्थता से अस्थायी संघर्षविराम हुआ था, लेकिन ताजा घटनाओं ने उस समझौते को भी खत्म कर दिया है।
अब सीमा पर हालात युद्ध जैसे बन चुके हैं। लगातार गोलाबारी, हवाई हमले और भारी हथियारों के इस्तेमाल ने स्थानीय आबादी में दहशत फैला दी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस टकराव पर टिकी हुई हैं, क्योंकि यदि हालात और बिगड़े तो इसका असर पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति पर पड़ सकता है।








