लद्दाख स्थित जोजिला दर्रा में शुक्रवार को एक भयावह हिमस्खलन ने यात्रियों को अचानक अपनी चपेट में ले लिया। जानकारी के अनुसार, दयाल पास के पास हुए इस हादसे में तीन से चार वाहन बर्फ और मलबे के नीचे दब गए। घटना इतनी अचानक हुई कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज आवाज के साथ पहाड़ से बर्फ का बड़ा हिस्सा नीचे गिरा और सड़क पर चल रही गाड़ियों को अपनी गिरफ्त में ले लिया। इस हादसे में एक महिला, एक बच्चे और एक स्थानीय निवासी की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य लोगों के घायल होने की खबर भी सामने आ रही है।
मौत और जिंदगी के बीच जंग, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
हिमस्खलन की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गए। गांदरबल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) खलील पोसवाल, SDPO कंगन और अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत कार्यों की निगरानी शुरू की। बचाव टीमों में पुलिस, सेना और स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ सीमा सड़क संगठन (BRO) के जवान भी शामिल हैं। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए तेजी से खुदाई और बर्फ हटाने का काम जारी है। अधिकारियों का कहना है कि अभी भी कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका है, इसलिए अभियान लगातार जारी रखा गया है। खराब मौसम और भारी बर्फबारी के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
VIDEO | J&K: Snow clearance and rescue operations are underway on the Zojila–Sonamarg highway after an avalanche blocked the route, leaving many vehicles stranded.
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/jyAEEUT0My
— Press Trust of India (@PTI_News) March 27, 2026
सड़क बंद, यातायात पूरी तरह ठप
इस हादसे के बाद जोजिला दर्रा मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है, जिससे कश्मीर और लद्दाख के बीच संपर्क बाधित हो गया है। यह मार्ग सामरिक और आम यात्रियों दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। सड़क पर जमा बर्फ और मलबे को हटाने के लिए मशीनों की मदद ली जा रही है, लेकिन लगातार गिरती बर्फ इस काम को और कठिन बना रही है। प्रशासन ने यात्रियों को इस मार्ग पर यात्रा न करने की सलाह दी है और वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने को कहा है। साथ ही, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बर्फबारी की चेतावनी दी है, जिससे खतरा और बढ़ सकता है।
पहाड़ी इलाकों में बढ़ता खतरा, सतर्क रहने की जरूरत
इस समय पहाड़ी क्षेत्रों में हिमस्खलन का खतरा काफी बढ़ जाता है, खासकर तब जब ताजा बर्फबारी के बाद तापमान में बदलाव होता है। जोजिला दर्रा जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करें और किसी भी तरह की चेतावनी को नजरअंदाज न करें। फिलहाल, राहत और बचाव कार्यों पर सभी एजेंसियां फोकस कर रही हैं और कोशिश की जा रही है कि जल्द से जल्द रास्ता साफ कर यातायात बहाल किया जाए। इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक आपदाओं के खतरे को उजागर कर दिया है।








