नेपाल में बुधवार को आए प्राकृतिक कहर के बाद स्थिति एक बार फिर गंभीर हो गई है। मौसम विभाग की नई चेतावनी के बीच मध्य नेपाल से बहने वाली भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक फिर से बढ़ने लगा है, जिससे स्थानीय प्रशासन और राहत कर्मियों की चिंताएं कई गुना बढ़ गई हैं। नेशनल डिजास्टर रिस्क न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने रसुवा, नुवाकोट, धादिङ और चितवन समेत कई संवेदनशील इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की सख्त हिदायत दी गई है, क्योंकि लगातार हो रही बारिश और ऊपर से आ रहे मलबे के कारण बचाव कार्यों में भारी रुकावट आ रही है।
युद्धस्तर पर रेस्क्यू और तलाश अभियान
त्रासदी के इन कठिन हालातों के बीच प्रभावित आठ जिलों में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने से आए भारी बर्फ, कीचड़ और चट्टानों के मलबे ने कई बस्तियों को तहस-नहस कर दिया है, जिससे मरने वालों की आधिकारिक संख्या बढ़कर 734 तक पहुंच गई है। इसके अलावा 2,400 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। हालांकि, सुरक्षा बलों और एनडीआरआरएमए की टीमों ने अब तक करीब 2,500 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की है, जिनमें 163 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और रेस्क्यू अपडेट
इस भीषण प्राकृतिक आपदा में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए कूटनीतिक स्तर पर लगातार प्रयास जारी हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, नेपाल में फंसे 108 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि 50 अन्य नागरिकों से संपर्क फिर से स्थापित हो चुका है। इसके अलावा चीन की तरफ से 598 भारतीय सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं और बाकी करीब 900 नागरिक स्थानीय दूतावास के संपर्क में पूरी तरह सुरक्षित हैं। हालांकि, चिंता का विषय यह है कि अब तक 275 भारतीय नागरिक और 128 भारतीय मूल के लोग लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया गया है।
भारत की तरफ से लगातार मिल रही मानवीय सहायता
पड़ोसी देश के इस मुश्किल समय में भारत ने मानवता का परिचय देते हुए मदद का हाथ पूरी मजबूती से बढ़ाया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जानकारी दी है कि भारत की ओर से 11 टन राहत सामग्री की चौथी खेप नेपाल भेज दी गई है, जिसमें जरूरी दवाएं, पोर्टेबल जनरेटर, खाद्य पैकेट और पानी शुद्ध करने वाली गोलियां शामिल हैं। अब तक कुल 68.5 टन राहत सामग्री काठमांडू पहुंच चुकी है। इसके साथ ही, बुनियादी ढांचे को बहाल करने के लिए 230 फीट लंबे सिंगल लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के निर्माण से जुड़े 16 ट्रक उपकरण भी नेपाल पहुंच गए हैं, और जल्द ही कई और बेली ब्रिज स्थापित किए जाएंगे ताकि आवागमन को सुचारू किया जा सके।
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