भाद्रपद शिवरात्रि 2025: इस रात खुलेंगे किस्मत के दरवाजे, 3 शुभ योग बनाएंगे असाधारण संयोग!

भाद्रपद कृष्ण चतुर्दशी पर पड़ने वाली शिवरात्रि को विशेष महत्व दिया गया है। इस बार 3 अति शुभ योग बन रहे हैं, लेकिन इसी बीच भद्रा का साया भी रहेगा। भक्तों के लिए जानना जरूरी है कब है पूजा का शुभ मुहूर्त और भद्रा का असर।

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Shivratri 2025

Shivratri 2025: हिंदू पंचांग के अनुसार, साल 2025 में भाद्रपद मास की शिवरात्रि 19 अगस्त, सोमवार को मनाई जाएगी। यह व्रत विशेष रूप से शिव भक्तों के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की सच्चे मन से पूजा करने से पापों का नाश होता है और मनचाहा फल मिलता है। खास बात यह है कि इस बार शिवरात्रि पर तीन अति शुभ योग एक साथ बन रहे हैं, जिससे पूजा का महत्व और भी अधिक बढ़ जाएगा।

3 अति शुभ योग और भद्रा का साया

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार शिवरात्रि पर शिव योग, सिद्धि योग और अमृतसिद्धि योग का संयोग बन रहा है। यह दुर्लभ त्रिवेणी योग भक्तों को मनोकामना पूर्ति का वरदान देगा। हालांकि इस दिन कुछ समय के लिए भद्रा काल भी रहेगा, जिसका असर पूजा पर पड़ सकता है। ऐसे में श्रद्धालुओं को शुभ मुहूर्त देखकर ही भगवान शिव का अभिषेक और व्रत करना चाहिए।

पूजा का शुभ मुहूर्त

पंचांग के मुताबिक भाद्रपद शिवरात्रि की चतुर्दशी तिथि 19 अगस्त की सुबह 10:27 बजे से 20 अगस्त की सुबह 08:52 बजे तक रहेगी। पूजा का सर्वोत्तम समय 19 अगस्त की मध्यरात्रि 12:05 बजे से 01:25 बजे तक होगा। इस समय भगवान शिव का जलाभिषेक और मंत्रोच्चार करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होगी।

(Disclaimer: यहां पर प्राप्त जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। News India इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

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