उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से इस वक्त एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के काफिले को लेकर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया है। जानकारी के मुताबिक, आज राहुल गांधी राजधानी लखनऊ से अपनी तयशुदा यात्रा के तहत सुलतानपुर की ओर जा रहे थे। सफर के दौरान जैसे ही उनका काफिला पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर आगे बढ़ रहा था, तभी अचानक कुछ ऐसा हुआ कि वहां चीख-पुकार मच गई। गनीमत यह रही कि इस भयानक दुर्घटना में राहुल गांधी पूरी तरह सुरक्षित हैं, लेकिन उनके काफिले में शामिल कई वाहन आपस में जोरदार तरीके से टकरा गए, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
एक के बाद एक टकराईं 5 गाड़ियां और एम्बुलेंस, आखिर कैसे हुआ यह भयानक हादसा?
इस दर्दनाक सड़क हादसे की जो शुरुआती जानकारियां सामने आई हैं, उनके अनुसार यह घटना पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 91 किलोमीटर माइलस्टोन के बेहद करीब हुई। काफिला अपनी सामान्य रफ्तार से आगे बढ़ रहा था कि तभी अचानक आगे चल रही गाड़ियों के अचानक ब्रेक लेने या किसी अन्य तकनीकी कारण से पीछे चल रहे वाहन एक-दूसरे से भिड़ते चले गए। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि राहुल गांधी के काफिले में शामिल करीब 5 गाड़ियां और उनके साथ चल रही एक एम्बुलेंस भी इस दुर्घटना की चपेट में आ गई। इस मल्टी-वेहिकल टक्कर के कारण गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए और काफिले में चल रहे कांग्रेस पार्टी के कई कार्यकर्ता, स्थानीय पदाधिकारी तथा सुरक्षा व्यवस्था में तैनात सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मौके पर मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए।
घायलों को तुरंत पहुंचाया गया अस्पताल, राजनीतिक गलियारों में दौड़ी चिंता की लहर
हादसे के तुरंत बाद पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर कुछ पलों के लिए यातायात थम गया और वहां भारी भीड़ जमा हो गई। जैसे ही काफिले के अन्य सदस्यों और स्थानीय पुलिस प्रशासन को इस दुर्घटना की भनक लगी, तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को तड़पते देख फौरन आनन-फानन में एम्बुलेंस और स्थानीय प्रशासन की मदद से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज शुरू किया गया है। हादसे की खबर मिलते ही उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी और देश भर के राजनीतिक हलकों में चिंता की लहर दौड़ गई। पार्टी के तमाम बड़े नेता लगातार घटनास्थल और अस्पताल के संपर्क में बने हुए हैं ताकि घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सीय सहायता मुहैया कराई जा सके। इस अप्रत्याशित घटना ने एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार वाहनों के बीच सुरक्षा व्यवस्था और काफिले के नियमों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुलतानपुर दौरे पर जा रहे थे कांग्रेस सांसद, हादसे के बाद भी क्या रहा आगे का सफर?
आपको बता दें कि राहुल गांधी का यह दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा था क्योंकि वह लखनऊ से चलकर सुलतानपुर किसी खास कार्यक्रम या निर्धारित मुलाकात के सिलसिले में जा रहे थे। काफिले के इस तरह हादसे का शिकार होने के बाद राहुल गांधी के आगे के सफर और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत समीक्षा शुरू कर दी है। हालांकि, हादसे में कई कार्यकर्ताओं और सुरक्षाकर्मियों के घायल होने के बावजूद स्थिति को नियंत्रण में लाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासनिक अमला इस बात की गंभीरता से जांच कर रहा है कि आखिर 91 किलोमीटर माइलस्टोन के पास यह अचानक टक्कर किस वजह से हुई—क्या किसी वाहन ने अचानक ब्रेक लगाया था या फिर विजिबिलिटी या अन्य कोई तकनीकी चूक इसकी वजह बनी। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वीआईपी मूवमेंट के दौरान भी सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कितना जरूरी है और थोड़ी सी चूक कितना बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है।
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