बिहार में दारोगा भर्ती पर बवाल, 10 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी आज सड़क पर; पटना में क्यों लगाए गए कंटीले तार?

Bihar News: बिहार में दारोगा भर्ती की मेंस परीक्षा रद्द किए जाने का विरोध अब सड़क पर पहुंच गया है। 1799 पदों वाली भर्ती में सफल 10,789 अभ्यर्थियों ने आज पटना में बड़ा प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। अभ्यर्थी गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से मार्च निकालकर लोक सेवक आवास तक पहुंचने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि वे पिछले सात दिनों से गर्दनीबाग धरना स्थल पर अपनी मांगों को लेकर बैठे हैं, लेकिन अब तक उनकी बात पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद अभ्यर्थियों ने धरना स्थल से बाहर निकलकर सरकार और संबंधित अधिकारियों तक अपनी आवाज पहुंचाने का फैसला लिया है।

गांधी मैदान से लोक सेवक आवास तक मार्च की तैयारी

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए पटना में प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। अभ्यर्थियों की योजना गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से मार्च शुरू करने की है। इसके बाद वे लोक सेवक आवास तक जाने की कोशिश करेंगे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य सरकार तक अपनी मांग पहुंचाना है। वहीं, बड़ी संख्या में लोगों के एक साथ सड़क पर उतरने को देखते हुए पुलिस ने कई इलाकों में बैरिकेडिंग की है। प्रशासन की कोशिश है कि प्रदर्शन के दौरान यातायात और कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।

पटना में भारी पुलिस बल, कई जगह कंटीले तार लगाए गए

अभ्यर्थियों के मार्च को देखते हुए पटना पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए हैं। डाकबंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग की गई है और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए कुछ स्थानों पर कंटीले तार भी लगाए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने के बाद पटना में इस प्रदर्शन को लेकर हलचल तेज हो गई है। प्रशासन की नजर गांधी मैदान से लेकर मार्च के संभावित रास्ते पर रहेगी। दूसरी ओर, अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन पर अड़े हुए हैं।

मेंस परीक्षा रद्द करने का फैसला वापस लेने की मांग

अभ्यर्थियों की मुख्य मांग 1799 पदों वाली दारोगा भर्ती की मेंस परीक्षा रद्द करने का नोटिस वापस लेना है। उनका कहना है कि उन्होंने पहले प्रारंभिक परीक्षा पास की, फिर मेंस परीक्षा की तैयारी की और उसमें शामिल हुए। इसके बाद मेंस में सफल होने वाले अभ्यर्थी शारीरिक परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। ऐसे में परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले से उनके भविष्य को लेकर असमंजस पैदा हो गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में काफी समय और मेहनत लगाने के बाद अचानक मेंस परीक्षा रद्द करने का निर्णय उनके लिए बड़ा झटका है। वे चाहते हैं कि सरकार पूरे मामले पर दोबारा विचार करे और भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। अब देखना होगा कि आज होने वाले प्रदर्शन के बाद सरकार और प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है।

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