Home देश बाइक चोरी के आरोपी को 3 दिन थाने में रखने पर कोर्ट...

बाइक चोरी के आरोपी को 3 दिन थाने में रखने पर कोर्ट सख्त, पुलिस अधिकारियों को दिया ये आदेश

धौलपुर में बाइक चोरी के आरोपी को तीन दिन थाने में रखने के मामले में कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाई। आरोपियों को रिहा करने और पुलिस अधिकारियों पर FIR के निर्देश दिए गए।

37
Dholpur News

Dholpur News: राजस्थान के धौलपुर जिले में बाइक चोरी के एक मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली पर अदालत ने गंभीर नाराजगी जताई। बाड़ी एसीजेएम कोर्ट संख्या-1 में सुनवाई के दौरान एक युवक और नाबालिग को कथित तौर पर तीन दिन तक थाने में रखने का मामला सामने आया। आरोप है कि दोनों को तय समय पर कोर्ट में पेश नहीं किया गया। कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए आरोपियों को रिहा करने के आदेश दिए। अदालत में सुनवाई गुरुवार को देर रात तक चली।

आरोपी ने बताया- थाने में मारपीट भी हुई

कोर्ट में पूछताछ के दौरान 19 वर्षीय युवक ने बताया कि उसे पुलिस ने तीन दिन तक थाने में रखा था। उसके मुताबिक, उसके साथ मारपीट भी की गई। उसने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उसके पिता को भी एक रात थाने में रखा था। मामले में एक नाबालिग को भी पुलिस ने हिरासत में रखा था। बताया गया कि युवक ने बाइक चोरी की बात स्वीकार की थी और पुलिस ने कथित तौर पर चोरी की बाइक भी बरामद कर ली थी। इसके बावजूद उसे समय पर अदालत में पेश नहीं किया गया।

कोर्ट ने अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के दिए निर्देश

एसीजेएम डॉ. सिद्धार्थ शंकर शर्मा ने मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोपियों को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया। अदालत ने प्रथमदृष्टया जांच अधिकारी एएसआई सुरेश चंद्र और थाना अधिकारी महेंद्र शर्मा की भूमिका को लेकर गंभीर टिप्पणी की। कोर्ट ने झूठे साक्ष्य तैयार करने, कानूनी प्रक्रिया के कथित दुरुपयोग और गलत दस्तावेज तैयार करने के मामले में FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए। साथ ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को मामले की विशेष जांच कराने के लिए कहा गया है।

दोपहर से रात तक चली सुनवाई

मामले की सुनवाई दोपहर करीब 3 बजे शुरू हुई और रात 10 बजे तक जारी रही। कोर्ट ने जांच अधिकारी से भी पूछताछ की, लेकिन उनके जवाब से अदालत संतुष्ट नहीं हुई। अधिवक्ता श्रीराम मंगल के अनुसार, युवक आकाश जाटव के आत्मसमर्पण के बाद उसके पिता को छोड़ा गया था। इसके बाद आकाश और एक नाबालिग को पुलिस ने थाने में रखा। अदालत ने मामले में संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों का पालन नहीं किए जाने के आरोपों को गंभीरता से लिया। कोर्ट ने संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को जांच कर रिपोर्ट सीजेएम कोर्ट में पेश करने के निर्देश भी दिए हैं।

Read More-UP Police Constable भर्ती में फिजिकल टेस्ट की तारीख घोषित, पुरुष-महिला उम्मीदवारों के लिए दौड़ का पूरा नियम