जिस PG में रह रहे थे छात्र, उसी में दिखने लगीं बड़ी-बड़ी दरारें… फिर MCD ने उठाया ये कदम

Delhi News: दिल्ली के चिराग दिल्ली इलाके में स्थित शांडिल्य PG में मोटी दरारें दिखने के बाद छात्रों के बीच डर का माहौल बन गया। 364B/1 पते वाली इस बिल्डिंग में रहने वाले छात्रों को सुरक्षा के लिहाज से बाहर निकाल दिया गया। इसके बाद MCD ने PG को सील कर दिया। छात्रों का कहना है कि पिछले दो-तीन दिनों में बिल्डिंग की दरारें लगातार बढ़ती नजर आ रही थीं। इसके बाद उन्होंने कॉलेज प्रशासन और कॉलेज प्रेसिडेंट को इसकी जानकारी दी। PG में बड़ी संख्या में छात्र रहते थे और एक फ्लोर पर करीब 16 छात्रों के रहने की व्यवस्था बताई गई है। फिलहाल सील लगने के बाद छात्रों को बिल्डिंग में वापस जाने की अनुमति नहीं है।

कॉलेज में मिली कुछ दिन की जगह, फिर कहां रहेंगे छात्र?

PG खाली होने के बाद छात्रों की सबसे बड़ी परेशानी रहने की जगह को लेकर खड़ी हो गई है। फिलहाल कुछ छात्रों को कॉलेज में दो-तीन दिन के लिए अस्थायी तौर पर रहने की सुविधा दी गई है। इसके बाद उन्हें खुद नया PG, कमरा या फ्लैट तलाशना होगा। छात्रों के मुताबिक, यहां एक बेड के लिए करीब 8 हजार रुपये तक खर्च होता था, जबकि नॉन-AC कमरे का किराया लगभग 7 हजार रुपये बताया गया है। खाने के करीब 5 हजार रुपये और बिजली का खर्च अलग था। अब नया ठिकाना तलाशने के दौरान छात्रों को सिक्योरिटी मनी, एडवांस किराया और ब्रोकरेज का अतिरिक्त बोझ भी उठाना पड़ रहा है। छात्रों का कहना है कि पुराने PG की सिक्योरिटी अभी वापस नहीं मिली है, जिससे नया कमरा लेना और मुश्किल हो गया है।

छात्रों का दावा- बढ़ रही थीं दरारें, केयरटेकर ने किया इनकार

छात्रों का आरोप है कि बिल्डिंग में दिखाई दे रही दरारों को शुरुआत में गंभीरता से नहीं लिया गया। एक छात्र ने बताया कि लगातार दरारें बढ़ने के कारण उन्हें डर लगने लगा था। शिकायत के बाद PG खाली कराया गया। छात्र अब इस बात को लेकर भी चिंतित हैं कि आखिर बिल्डिंग में दरारें क्यों आईं और क्या पहले इसकी मजबूती की जांच हुई थी। वहीं PG के केयरटेकर योगेंद्र ने बिल्डिंग में दरार होने के आरोप से इनकार किया है। उनका कहना है कि प्रशासन के निर्देश पर बिल्डिंग खाली की गई और वह खुद भी इसी इमारत में रहते हैं। उनके मुताबिक बिल्डिंग करीब 15-16 साल पुरानी है। हालांकि, मौके पर कई हिस्सों में दरारें दिखाई देने की बात सामने आई है। फिलहाल सभी छात्र सुरक्षित बाहर हैं, लेकिन उनके सामने नया ठिकाना और आर्थिक बोझ बड़ी चुनौती बना हुआ है। छात्रों का कहना है कि “जान है तो जहान है”, इसलिए वे अब इस बिल्डिंग में लौटने से डर रहे हैं।

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