जन्माष्टमी के खास अवसर पर बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री हेमा मालिनी ने अपने चर्चित डांस बैले ‘राधा रास बिहारी’ की एक खूबसूरत झलक सोशल मीडिया पर शेयर की। वीडियो में हेमा मालिनी राधा के रूप में नजर आ रही हैं। पारंपरिक परिधान, गहनों और शास्त्रीय नृत्य की मुद्राओं में उनका अंदाज बेहद आकर्षक दिखाई देता है। उनके साथ डांस ग्रुप के अन्य कलाकार भी प्रस्तुति देते नजर आए, जबकि एक कलाकार कृष्ण की भूमिका में दिखाई दिया। पूरी प्रस्तुति में राधा-कृष्ण के प्रेम और भक्ति को नृत्य के जरिए दर्शाया गया है।
हेमा ने दी जन्माष्टमी की शुभकामनाएं
वीडियो शेयर करते हुए हेमा मालिनी ने जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि वह अपने डांस बैले ‘राधा रास बिहारी’ की एक झलक लोगों के साथ साझा कर रही हैं। उन्होंने कामना की कि जन्माष्टमी का यह पावन पर्व सभी के जीवन में शांति, खुशी और समृद्धि लेकर आए। हेमा मालिनी के लिए यह प्रस्तुति सिर्फ एक डांस शो नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और कृष्ण भक्ति से जुड़ी खास अभिव्यक्ति है। वह लंबे समय से शास्त्रीय नृत्य के जरिए धार्मिक और पौराणिक कथाओं को मंच पर प्रस्तुत करती रही हैं।
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पांच साल की उम्र में शुरू कर दिया था नृत्य
हेमा मालिनी का नृत्य से रिश्ता बचपन से ही रहा है। उन्होंने करीब पांच साल की उम्र में भरतनाट्यम सीखना शुरू किया था। उनकी मां जया चक्रवर्ती ने बेटी की प्रतिभा को पहचाना और नृत्य के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए उनका पूरा साथ दिया। शुरुआती दौर में ही हेमा ने मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन करना शुरू कर दिया था। बाद में उन्होंने कुचिपुड़ी की भी ट्रेनिंग ली। इसके लिए उन्होंने प्रसिद्ध गुरु वेम्पति चिन्ना सत्यम से प्रशिक्षण हासिल किया। उन्होंने ओडिसी नृत्य की शिक्षा भी ली, जिससे भारतीय शास्त्रीय नृत्य की कई विधाओं में उनकी पकड़ बनी।
रेखा से जुड़ा है दिलचस्प किस्सा
हेमा मालिनी की डांस यात्रा से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा अभिनेत्री रेखा से भी जुड़ा है। एक कार्यक्रम में हेमा ने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया था कि जब वह चेन्नई में नृत्य सीख रही थीं, तब रेखा भी उन्हीं क्लासेज में आती थीं। हेमा के मुताबिक बचपन में रेखा काफी शरारती थीं और कई बार रिहर्सल के दौरान वहां से भाग जाया करती थीं। समय के साथ हेमा मालिनी ने ‘दुर्गा’, ‘मीरा’, ‘रामायण’, ‘सावित्री’, ‘राधा कृष्ण’ और ‘राधा रास बिहारी’ जैसे कई डांस बैले के जरिए भारतीय पौराणिक कथाओं को मंच पर जीवंत किया। उनका नृत्य के प्रति लगाव आज भी कायम है।
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