लाल किले पर वंदे मातरम को लेकर बना इतिहास, अमित शाह बोले- 80 साल बाद पहली बार…

Vande Mataram News: 80वें स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली के लाल किले में इस बार ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने समारोह को खास बना दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तिरंगा फहराने के बाद राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के पूरे संस्करण का गायन हुआ। इसके बाद राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ प्रस्तुत किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस पल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि आजादी के 80 साल बाद लाल किले से वंदे मातरम का पूरा संस्करण सुनना बेहद भावुक करने वाला अनुभव है।

अमित शाह ने बताया ऐतिहासिक क्षण

अमित शाह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस मौके पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशवासियों में जोश भरने वाला गीत रहा है। शाह के मुताबिक, आजादी के 80 साल बाद लाल किले की प्राचीर से इसके पूरे संस्करण का गायन होना अपने आप में महत्वपूर्ण घटना है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक पल को देखकर उनका रोम-रोम पुलकित हो उठा। इस साल वंदे मातरम की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के कारण भी इसे स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष महत्व दिया गया।

तिरंगे के साथ गूंजा पूरा वंदे मातरम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके साथ ही 21 तोपों की सलामी दी गई और सेना के बैंड ने वंदे मातरम की धुन प्रस्तुत की। खास बात यह रही कि इस बार लाल किले पर राष्ट्रगीत का पूरा संस्करण सुनाया गया। इसके बाद राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ हुआ। समारोह के दौरान भारतीय वायुसेना के दो Mi-17 हेलीकॉप्टरों ने भी लाल किले के ऊपर से पुष्पवर्षा की। एक हेलीकॉप्टर पर तिरंगा और दूसरे पर वंदे मातरम लिखा ध्वज नजर आया। इस पूरे दृश्य ने समारोह की भव्यता और बढ़ा दी।

वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने का भी खास मौका

इस वर्ष वंदे मातरम की रचना के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इसी वजह से केंद्र सरकार की ओर से इस राष्ट्रगीत को लेकर कई कार्यक्रमों में विशेष जोर दिया जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्र के नाम संबोधन के दौरान भी वंदे मातरम की प्रस्तुति हुई थी। लाल किले पर पूरे संस्करण का गायन इसी सिलसिले में एक महत्वपूर्ण आयोजन माना गया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भी इस अवसर का जिक्र करते हुए इसे आजादी के बाद का विशेष क्षण बताया।

राष्ट्रगीत को लेकर नए कानूनी प्रावधान भी चर्चा में

वंदे मातरम को लेकर हाल में किए गए कानूनी बदलाव भी चर्चा में हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के बाद राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानून में संशोधन किया गया है। इसके तहत वंदे मातरम के गायन में जानबूझकर बाधा डालने या इसके अपमान को दंडनीय बनाने का प्रावधान बताया गया है। ऐसे मामले में जुर्माना, तीन साल तक की सजा या दोनों का प्रावधान है। इस तरह 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले में पूरा वंदे मातरम, 21 तोपों की सलामी और आसमान से हुई पुष्पवर्षा ने समारोह को यादगार बना दिया।

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