तेज प्रताप की गिरफ्तारी: रोहिणी आचार्य बोलीं—’यह कैसा न्याय?’

बिहार की राजधानी पटना से इस वक्त एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है, जहां नीट (NEET) पेपर लीक मामले में छात्रों के आंदोलन का समर्थन करने वाले जनशक्ति जनता दल (JJD) के प्रमुख और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार की देर रात हुई इस कार्रवाई के बाद से राज्य की सियासत मेंवान आंधी सी आ गई है। पटना की एक विशेष अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में सीधे जेल भेज दिया है। इस अचानक हुई गिरफ्तारी ने विपक्षी दलों और लालू प्रसाद यादव के परिवार को सरकार के खिलाफ हमलावर होने का एक बड़ा मौका दे दिया है, जिससे सत्ता के गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

रोहिणी आचार्य का फूटा गुस्सा, सरकार को बताया तानाशाह

भाई तेज प्रताप यादव की इस नाटकीय और अचानक हुई गिरफ्तारी से भड़कीं राजद सुप्रीमो लालू यादव की बेटी और तेजतर्रार नेत्री रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए सरकार पर जमकर निशाना साधा है। रोहिणी ने इस पूरी कार्रवाई को सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार की तानाशाही और बदले की भावना से की गई कार्रवाई करार दिया है। उन्होंने तीखे शब्दों में सवाल उठाया कि क्या देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य को बचाने के लिए आवाज उठाना और उनके आंदोलन का समर्थन करना आज के समय में कोई बड़ा अपराध बन गया है? रोहिणी के इस आक्रामक तेवर ने राजनीतिक माहौल को और ज्यादा गरमा दिया है।

लोकतंत्र का हनन और जनता की आवाज दबाने का आरोप

रोहिणी आचार्य ने आगे अपनी बात रखते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रशासन और पुलिस बल का दुरुपयोग करके राजनीतिक विरोधियों को डराने-धमकाने की नापाक कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा लगाए गए तमाम आरोप पूरी तरह से तथ्यहीन, झूठे और बेबुनियाद हैं। यह सीधे तौर पर देश के हर नागरिक को मिले मौलिक अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों का खुला हनन है। सरकार के खिलाफ लगातार बढ़ रहे जन असंतोष और गुस्से को पुलिस के दम पर दबाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन जनता और युवा इस दमनकारी नीति के आगे झुकने वाले नहीं हैं।

‘सात खून माफ’ वाले बयान से गरमाई बिहार की सियासत

अपने तीखे बयानों के लिए पहचानी जाने वाली रोहिणी आचार्य ने सरकार की न्याय व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाते हुए एक बेहद तीखा तंज कसा है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आखिर यह कैसा न्याय है, जहां सात खून माफ करने वाले लोग और दागदार चरित्र वाले नेता मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज हो जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ देश के भविष्य यानी युवाओं के हक और न्याय के लिए आवाज उठाने वाले बेकसूर लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल के सलाखों के पीछे भेज दिया जाता है। इस बयान के बाद अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति क्या नया और बड़ा मोड़ लेती है।

Read more-आखिर बीच सड़क होमगार्ड पर क्यों टूट पड़ी महिला? कानपुर के वायरल वीडियो के पीछे की कहानी जानकर रह जाएंगे हैरान

Hot this week

14 दिन पहले हुआ था उद्घाटन… अब UP में इस एक्सप्रेसवे पर अचानक धंस गई सड़क, आखिर कहां हुई चूक?

 Lucknow-Kanpur Expressway News: उत्तर प्रदेश के बहुप्रतीक्षित लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img