8 साल पहले हुई पत्नी की मौत, फिर भी बेंगलुरु की सड़कों पर रोज क्यों दौड़ता है यह ‘फूलों वाला रहस्यमयी ऑटो’?

बेंगलुरु शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी और ट्रैफिक के शोर-शराबे के बीच अक्सर लोग अपनी मंजिल तक पहुंचने की जल्दी में रहते हैं। लेकिन इसी शहर के इंदिरानगर इलाके में रोजाना एक ऐसा नजारा देखने को मिलता है, जो किसी भी राहगीर के कदम रोक देता है और आंखों को नम कर देता है। एक बुजुर्ग ड्राइवर जब सुबह-सुबह अपनी रोजी-रोटी के लिए ऑटो लेकर निकलते हैं, तो उनकी दिनचर्या बाकी चालकों से बिल्कुल अलग होती है। सवारी बिठाने से पहले वे बाजार से ताजे मोगरे और बेले के फूल खरीदते हैं और उन्हें बड़े जतन से अपने ऑटो के डैशबोर्ड पर सजाते हैं। इस ऑटो के अंदर कदम रखते ही एक अलग ही सुकून और खुशबू का अहसास होता है। पहली नजर में यह सिर्फ एक सामान्य सजावट लग सकती है, लेकिन इसके पीछे एक ऐसी गहरी दास्तान छिपी है, जो यह साबित करती है कि कुछ रिश्ते इंसान के जाने के बाद भी कभी खत्म नहीं होते।

स्टीयरिंग के पास लगी उस तस्वीर का राज, जिसने हर यात्री को भावुक कर दिया

सोशल मीडिया पर जब इस बुजुर्ग ऑटो ड्राइवर का वीडियो एक कंटेंट क्रिएटर के जरिए सामने आया, तो हर कोई इसके पीछे की वजह जानने के लिए उत्सुक हो गया। दरअसल, ऑटो की स्टीयरिंग के ठीक पास एक तस्वीर लगी है, जिस पर रोज ताजे फूलों की माला चढ़ाई जाती है। यह तस्वीर किसी देवी-देवता की नहीं, बल्कि ड्राइवर साहब की दिवंगत पत्नी की है। लगभग आठ साल पहले उनकी जीवनसंगिनी उनका साथ छोड़कर इस दुनिया से रुखसत हो गई थीं। लेकिन बुजुर्ग ड्राइवर के लिए वे आज भी उनके पास हैं। उनके मुताबिक, रोजाना पत्नी की तस्वीर पर ताजी माला चढ़ाना कोई औपचारिकता या दिखावा नहीं है, बल्कि यह अपनी जीवनसंगिनी के प्रति उनके अटूट समर्पण और बेइंतहा मोहब्बत का तरीका है। वे जब भी ऑटो का स्टीयरिंग संभालते हैं, तो उन्हें यही महसूस होता है कि उनकी पत्नी आज भी हर सफर में उनके साथ बगल में बैठी हुई हैं।

भरे-पूरे परिवार के बावजूद आखिर क्यों बुजुर्ग ने नहीं छोड़ा ऑटो चलाना?

आज के दौर में जहां लोग छोटी-छोटी बातों पर रिश्ते तोड़ देते हैं, वहीं इन बुजुर्ग का परिवार अब भी काफी बड़ा और खुशहाल है। उनके घर में बेटा, बहू और छह पोते-पोतियां हैं, जो उनका पूरा ध्यान रखते हैं। परिवार के सदस्यों और खासकर उनके बेटे ने कई बार उनसे गुजारिश की कि वे अब उम्र के इस पड़ाव पर काम करना बंद कर दें और घर पर रहकर आराम की जिंदगी बिताएं। इसके बावजूद बुजुर्ग ड्राइवर ने ऑटो चलाने का सिलसिला जारी रखा। उनका मानना है कि पत्नी के जाने के बाद जिंदगी में जो खालीपन आया था, उसे काम और लोगों से मेल-जोल ने भरने में मदद की। ऑटो चलाना उनके लिए सिर्फ पैसे कमाने का जरिया नहीं है, बल्कि यह उन्हें अकेलेपन से बचाए रखता है। घर पर बैठकर यादों में खोने के बजाय, वे सड़कों पर निकलकर अपनी जिम्मेदारियां निभाना ज्यादा पसंद करते हैं।

डिजिटल दुनिया में वायरल हुई अनोखी लव स्टोरी, लोग बोले- ‘यही है सच्चा प्यार’

जैसे ही यह दिल छू लेने वाला वीडियो इंटरनेट पर साझा किया गया, लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। आज के दौर में जहां प्यार के मायने तेजी से बदल रहे हैं, लोग इस बुजुर्ग की वफादारी और मोहब्बत को देखकर हैरान भी हैं और प्रेरित भी। कमेंट्स में लोग लिख रहे हैं कि सच्चा प्यार सिर्फ साथ जीने-मरने का नाम नहीं है, बल्कि किसी के न रहने पर भी उसकी यादों को सम्मान के साथ संजोकर रखना ही असली मोहब्बत है। यह ऑटो अब सिर्फ यात्रियों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने वाली गाड़ी नहीं रहा, बल्कि यह एक चलती-फिरती प्रेम कहानी बन चुका है। यह बुजुर्ग ड्राइवर अपनी छोटी सी आदत से समाज को यह खूबसूरत संदेश दे रहे हैं कि जब रिश्ते दिल से निभाए जाते हैं, तो वक्त, दूरी या मौत भी उन्हें मिटा नहीं सकती।

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