पर्यावरण कार्यकर्ता और सामाजिक चिंतक Sonam Wangchuk पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। उनका अनशन अब 20वें दिन में पहुंच चुका है, जिसके बाद उनकी सेहत को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन में बड़ी संख्या में समर्थक भी शामिल हो रहे हैं। वांगचुक ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं मिलता, तब तक वह अपना अनशन जारी रखेंगे। लंबे समय से भोजन नहीं लेने के कारण उनकी शारीरिक स्थिति कमजोर होती जा रही है और इसी वजह से अब स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी चिंता जता रहे हैं।
स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी गंभीर चिंता
वांगचुक की सेहत को लेकर उनके समर्थकों ने भी चिंता व्यक्त की है। दावा किया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों में उनका वजन काफी कम हुआ है और शरीर में कमजोरी साफ दिखाई दे रही है। सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो में भी उन्हें सहारे के साथ चलते हुए देखा गया है। बताया जा रहा है कि उन्हें चलने-फिरने में कठिनाई हो रही है और कई बार चक्कर आने जैसी स्थिति भी बनी है। हालांकि आंदोलन स्थल पर मौजूद लोग लगातार उनकी देखभाल कर रहे हैं। बढ़ती कमजोरी के बीच उनके स्वास्थ्य को लेकर देशभर में चर्चा तेज हो गई है।
डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
चिकित्सकों का कहना है कि लंबे समय तक भोजन न लेने से शरीर पर गंभीर असर पड़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी स्थिति में शरीर के महत्वपूर्ण अंगों की कार्यक्षमता प्रभावित होने का खतरा बढ़ जाता है। इसी कारण डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच भी की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लंबे समय तक यही स्थिति बनी रहती है तो स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं बढ़ सकती हैं। हालांकि अभी तक वांगचुक अपने फैसले पर कायम हैं और उन्होंने आंदोलन जारी रखने की बात दोहराई है।
कोर्ट ने भी मांगी स्वास्थ्य पर नजर
सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को लेकर मामला अदालत तक पहुंच गया है। उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि वांगचुक की सेहत की नियमित निगरानी की जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। कोर्ट के निर्देशों के बाद प्रशासन भी मामले पर नजर बनाए हुए है। वहीं आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि उनकी मांगों पर जल्द बातचीत शुरू होनी चाहिए ताकि स्थिति सामान्य हो सके। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में उनकी सेहत और आंदोलन दोनों किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।
Read More-1000 रुपये और एक मुर्गे के लालच में फंस गया पुलिसकर्मी! 12 साल बाद कोर्ट ने सुनाई बड़ी सजा








