छत्तीसगढ़ के कांकेर शहर में लगातार मंदिरों में हो रही चोरी की घटनाओं ने लोगों को चिंता में डाल दिया है। देवी-देवताओं के गढ़ के रूप में पहचाने जाने वाले इस शहर में पिछले कुछ दिनों के भीतर कई मंदिरों को निशाना बनाया गया है। खास बात यह है कि सभी घटनाओं में चोरी का तरीका लगभग एक जैसा दिखाई दे रहा है, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि एक ही गिरोह इन वारदातों को अंजाम दे रहा है। शहर के पुराने और ऐतिहासिक मंदिरों में हुई चोरी के बाद श्रद्धालुओं में नाराजगी और डर दोनों देखने को मिल रहा है। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने पुलिस की चुनौती भी बढ़ा दी है, क्योंकि अब तक चोरों का कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग पाया है।
शीतला माता मंदिर से शुरू हुआ चोरी का सिलसिला
मंदिरों में चोरी की पहली बड़ी घटना शहर के प्रसिद्ध बड़ी शीतला माता मंदिर में सामने आई। रोज की तरह जब पुजारी सुबह पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे तो उन्होंने मंदिर का ताला टूटा हुआ देखा। अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। माता का चांदी का मुकुट, चांदी का छत्र और दान पेटी गायब थी। बाद में मंदिर के आसपास तलाश करने पर दान पेटी खाली हालत में एक तालाब के पास मिली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मंदिर से लाखों रुपये मूल्य का सामान और नकदी चोरी हुई है। इस घटना के बाद पूरे शहर में चर्चा शुरू हो गई। इसी दिन शहर के शनि मंदिर और एक शिव मंदिर के ताले टूटने की खबर भी सामने आई, जिससे यह साफ हो गया कि चोर किसी एक मंदिर तक सीमित नहीं हैं बल्कि लगातार धार्मिक स्थलों को निशाना बना रहे हैं।
दो और प्राचीन मंदिरों में सेंध, समान पैटर्न ने बढ़ाया शक
शीतला माता मंदिर की घटना के कुछ दिन बाद ही रविवार रात को शहर के दो और प्रसिद्ध मंदिरों में चोरी हो गई। चोरों ने प्राचीन नंदीश्वर महादेव मंदिर और राजापारा स्थित बालाजी मंदिर को निशाना बनाया। ये दोनों मंदिर श्रद्धालुओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं और यहां रोज बड़ी संख्या में लोग दर्शन करने पहुंचते हैं। सुबह जब मंदिरों के पुजारियों ने ताले टूटे देखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। लगातार पांच मंदिरों में हुई चोरी के बाद लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि चोर पहले मंदिरों की गतिविधियों की जानकारी जुटाते हैं और फिर सुनसान समय में वारदात को अंजाम देते हैं। सभी घटनाओं में ताला तोड़ना, दान पेटी और कीमती धार्मिक वस्तुओं को निशाना बनाना एक जैसी रणनीति की ओर इशारा कर रहा है। यही कारण है कि पुलिस अब इन सभी मामलों को एक-दूसरे से जोड़कर जांच कर रही है।
127 सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। अधिकारियों के अनुसार शहर और आसपास के इलाकों में लगे करीब 127 सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की जा रही है। कुछ संदिग्ध लोगों की पहचान करने की कोशिश भी जारी है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। बड़ी शीतला माता मंदिर मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है, जबकि अन्य मंदिरों से मिली शिकायतों के आधार पर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है। दूसरी ओर मंदिर समितियां और पुजारी भी अब अतिरिक्त सावधानी बरत रहे हैं। कई मंदिरों में दान पेटियों को सुरक्षित स्थानों पर रखा जा रहा है और कीमती धार्मिक वस्तुओं की सुरक्षा बढ़ाई जा रही है। शहर के लोगों का मानना है कि जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी जरूरी है, ताकि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर लोगों का भरोसा बना रहे। फिलहाल पूरे कांकेर में एक ही सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर मंदिरों को निशाना बनाने वाले ये चोर कौन हैं और कब तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहेंगे।
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