वियतनाम के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल फु क्वोक द्वीप के पास हुए भीषण स्पीडबोट हादसे ने पूरे भारत को झकझोर दिया है। इस हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए। अब इन सभी मृतकों के पार्थिव शरीर सोमवार रात भारत लाए जा रहे हैं। भारतीय दूतावास ने जानकारी दी है कि वियतनाम एयरलाइंस की विशेष उड़ान के जरिए शव मुंबई पहुंचेंगे। हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिवारों में मातम छा गया है। कई परिवार अपने प्रियजनों के अंतिम दर्शन का इंतजार कर रहे हैं। यह हादसा उस समय हुआ जब भारतीय पर्यटक समुद्री भ्रमण के बाद वापस लौट रहे थे। अचानक नाव का संतुलन बिगड़ गया और कुछ ही पलों में पूरी स्पीडबोट समुद्र में पलट गई।
भारतीय दूतावास ने संभाली पूरी जिम्मेदारी
वियतनाम में मौजूद भारतीय दूतावास लगातार पीड़ित परिवारों और स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है। दूतावास ने बताया कि सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं और शवों को भारत भेजने की व्यवस्था कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, वियतनाम एयरलाइंस की फ्लाइट हो ची मिन्ह सिटी से उड़ान भरकर सोमवार रात मुंबई पहुंचेगी। इसके बाद संबंधित राज्य सरकारों की मदद से शवों को उनके गृह राज्यों तक पहुंचाया जाएगा। मृतकों में तमिलनाडु के 10, आंध्र प्रदेश के 3 और केरल के 2 लोग शामिल हैं। दूतावास ने परिवारों को हर संभव सहायता देने का भरोसा भी दिया है। इस घटना के बाद विदेश मंत्रालय भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
17 लोगों की बची जान, एक की हालत अभी भी गंभीर
हादसे के समय स्पीडबोट में 32 भारतीय पर्यटक और 4 स्थानीय चालक दल के सदस्य सवार थे। नाव पलटते ही समुद्र में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद अन्य नावों और स्थानीय बचाव एजेंसियों ने तुरंत राहत अभियान शुरू किया। कई घंटों की मशक्कत के बाद 17 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इनमें से 16 लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है और वे भारत लौट रहे हैं। हालांकि एक घायल की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है और उसका इलाज फु क्वोक के एक अस्पताल में जारी है। डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी कर रही है। इस हादसे में बच गए लोगों ने बताया कि सब कुछ कुछ ही सेकंड में हुआ और किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
हादसे की जांच तेज, कैप्टन हिरासत में
दुर्घटना के बाद वियतनाम पुलिस और समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर स्पीडबोट कैसे पलटी और क्या सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने नाव के कैप्टन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि तकनीकी खराबी, मौसम की स्थिति या मानवीय लापरवाही हादसे की वजह हो सकती है। जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के असली कारण का खुलासा हो सकेगा। वहीं भारत में भी इस हादसे को लेकर चिंता बढ़ गई है और विदेश मंत्रालय लगातार वियतनाम प्रशासन के संपर्क में बना हुआ है। इस दुखद घटना ने विदेश यात्रा करने वाले पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।








