महाराष्ट्र में लगातार हो रही भारी बारिश ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। सबसे ज्यादा असर पुणे और उसके आसपास के इलाकों में देखने को मिल रहा है। लोनावला में 900 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो पिछले 16 वर्षों में सबसे अधिक बताई जा रही है। वहीं पुणे शहर और पिंपरी-चिंचवड़ में भी रिकॉर्ड स्तर की बारिश हुई है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में सड़कें पानी में डूब गईं, जबकि लोगों का सामान्य जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। मौसम विभाग के अनुसार, जुलाई महीने में दर्ज हुई यह बारिश पिछले कई वर्षों के बड़े रिकॉर्ड में शामिल है। लगातार खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और लोगों से जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की जा रही है।
एक दिन में 13 लोगों की मौत
भारी बारिश के चलते पुणे जिले में 22 जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। कई पहाड़ी इलाकों में चट्टानें और मिट्टी खिसकने से सड़कें बंद करनी पड़ीं। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर नौ प्रमुख मार्गों पर यातायात रोक दिया है। मुल्शी के ताम्हिनी घाट क्षेत्र में हुए भूस्खलन से तीन घर मलबे में दब गए। राहत की बात यह रही कि खतरे को देखते हुए लोग पहले ही सुरक्षित स्थानों पर चले गए थे। दूसरी ओर, राज्यभर में सोमवार को बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। करीब 100 घरों को नुकसान पहुंचा है और कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
जलभराव से जनजीवन प्रभावित
लगातार बारिश का असर केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहा। पुणे, पिंपरी-चिंचवड़ और आसपास के इलाकों में कई कॉलोनियों और घरों में पानी भर गया। तेज हवा और बारिश के कारण कुछ स्थानों पर मोबाइल टावर गिर गए, जिससे इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क प्रभावित हुआ। वहीं पुणे एयरपोर्ट पर भी खराब मौसम का असर देखने को मिला। कई उड़ानों में देरी हुई, जबकि कुछ विमानों को दूसरे हवाई अड्डों पर उतारना पड़ा। वाघोली-लोहगांव रोड पर जलभराव के कारण कर्मचारियों से भरी एक बस बीच रास्ते में फंस गई, जिसे बाद में बचाव दल ने सुरक्षित निकाला। इसके अलावा भोर क्षेत्र में निर्माण कार्य में लगा एक कंक्रीट मिक्सर ट्रक फिसलकर नदी में गिर गया, हालांकि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
सरकार अलर्ट पर, कई जिलों में चेतावनी जारी
मौसम विभाग ने मुंबई, कोल्हापुर, सतारा, सिंधुदुर्ग और रत्नागिरी समेत कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इससे पहले पुणे, नासिक, रायगढ़ और घाट क्षेत्रों में रेड अलर्ट भी जारी किया गया था। प्रशासन ने आपदा राहत दलों को तैनात कर दिया है और लोगों से नदी, पहाड़ी इलाकों और जलभराव वाली जगहों से दूर रहने की सलाह दी है। राज्य सरकार ने कई सरकारी और निजी कार्यालयों के लिए वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था लागू करने का फैसला भी लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है, इसलिए प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
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