US-Iran Peace Deal: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव और युद्ध जैसी स्थिति को खत्म करने के लिए शांति समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर हो सकते हैं। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि डील लगभग तैयार है और साइन होने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सभी देशों के लिए खोल दिया जाएगा। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका और 24 घंटे का दावा
इस पूरे मामले में पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए कहा है कि समझौता अब अंतिम चरण में है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के अनुसार अगले 24 घंटे के भीतर इस डील पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। इसी बीच एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने भी दावा किया कि समझौते की संभावना 80 से 85 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जिससे उम्मीदें और बढ़ गई थीं।
ईरान का पलटवार, ट्रंप के दावे से किया इनकार
हालांकि ट्रंप के दावे के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने इससे साफ इनकार कर दिया। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि रविवार को किसी भी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं होंगे। उन्होंने बताया कि बातचीत जारी है लेकिन अभी कई मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई है। ईरान ने यह भी स्पष्ट किया कि दूसरे पक्ष की असहमति के कारण तुरंत डील होना संभव नहीं है, हालांकि आगे प्रगति की संभावना बनी हुई है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और तनाव बना बड़ा मुद्दा
इस समझौते की सबसे बड़ी वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को माना जा रहा है, जो वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का अहम मार्ग है। पिछले कई महीनों से अमेरिका, ईरान और इजराइल के बीच तनाव लगातार बढ़ा है, जिससे इस क्षेत्र में अस्थिरता बनी हुई है। हालांकि अप्रैल से लागू युद्धविराम ने स्थिति को कुछ हद तक नियंत्रित किया है, लेकिन समय-समय पर सैन्य तनाव फिर बढ़ जाता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या यह शांति डील वास्तव में आगे बढ़ेगी या फिर यह भी पहले की तरह सिर्फ एक दावा बनकर रह जाएगी।








