क्या खत्म हो गया दुनिया के सबसे खतरनाक गैंग का खेल? वेनेजुएला में अमेरिका का हमला, ट्रंप के दावे से मची हलचल

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि वेनेजुएला के कुख्यात आपराधिक संगठन ‘ट्रेन डी अरागुआ’ के प्रमुख नीनो गुरेरो को एक सैन्य अभियान में मार गिराया गया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए यह जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह कार्रवाई बेहद सटीक और योजनाबद्ध तरीके से की गई। उनके अनुसार, इस ऑपरेशन का उद्देश्य लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय अपराध नेटवर्क को कमजोर करना था। हालांकि, इस दावे को लेकर अभी तक अमेरिकी प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, जिसके कारण इस घटना को लेकर उत्सुकता और चर्चा दोनों बढ़ गई हैं।

वीडियो सामने आने के बाद बढ़े सवाल

ट्रंप ने अपने दावे के साथ एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें एक इमारत पर हमला होता दिखाई दे रहा है। वीडियो में धमाके और आग की लपटें नजर आती हैं, लेकिन स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है कि यह वही अभियान था या नहीं। इसी वजह से कई सवाल भी उठ रहे हैं। फिलहाल न तो अमेरिकी रक्षा विभाग और न ही अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने सार्वजनिक रूप से इस कार्रवाई का पूरा विवरण जारी किया है। इसके बावजूद ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ऐसे अपराधियों को दुनिया के किसी भी कोने में ढूंढ़ निकालने की क्षमता रखता है और अंतरराष्ट्रीय अपराध के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

कौन था नीनो गुरेरो?

नीनो गुरेरो को वेनेजुएला के सबसे प्रभावशाली अपराध सरगनाओं में गिना जाता था। उस पर ड्रग तस्करी, जबरन वसूली, हिंसा, अपहरण और संगठित अपराध से जुड़े कई गंभीर आरोप लगे थे। अमेरिकी एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थीं और उसकी गिरफ्तारी से जुड़ी सूचना देने वालों के लिए भारी इनाम भी घोषित किया गया था। जांच एजेंसियों का मानना था कि उसके नेतृत्व में चल रहा नेटवर्क कई देशों तक फैला हुआ था और अवैध गतिविधियों के जरिए बड़ी मात्रा में धन कमाया जा रहा था। यही वजह थी कि वह अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिक सूची में शामिल था।

ट्रेन डी अरागुआ क्यों माना जाता है खतरनाक संगठन?

ट्रेन डी अरागुआ को वेनेजुएला के सबसे बड़े आपराधिक गिरोहों में से एक माना जाता है। इसकी शुरुआत एक जेल गिरोह के रूप में हुई थी, लेकिन समय के साथ इसने कई देशों में अपना नेटवर्क फैला लिया। इस संगठन पर हत्या, मानव तस्करी, ड्रग कारोबार, अपहरण और उगाही जैसे अपराधों में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में वेनेजुएला सरकार ने इसके खिलाफ कई बड़े अभियान चलाए, लेकिन इसके कई प्रमुख सदस्य गिरफ्तारी से बच निकले। यदि ट्रंप का दावा सही साबित होता है, तो इसे इस संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा सकता है। हालांकि, सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि किसी एक नेता के खत्म होने से पूरे नेटवर्क का अंत नहीं होता और आने वाले समय में स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा।

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