बिहार के सारण से सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी एक बार फिर अपने अलग अंदाज को लेकर चर्चा में आ गए हैं। इस बार मामला सोनपुर का है, जहां गंगा किनारे चल रहे बोल्डर पिचिंग कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे सांसद ने खुद पोकलेन मशीन चलाकर सभी को चौंका दिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केवल औपचारिकता नहीं निभाई, बल्कि सीधे मशीन पर बैठकर काम की गुणवत्ता और प्रक्रिया को करीब से समझने की कोशिश की।
मौके पर मौजूद अधिकारी और मजदूर उस समय हैरान रह गए जब सांसद ने बिना किसी हिचकिचाहट के भारी मशीन का नियंत्रण संभाल लिया। उनका यह कदम सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है और लोग इसे एक ‘ग्राउंड लेवल लीडरशिप’ के रूप में देख रहे हैं। कई स्थानीय लोगों ने कहा कि उन्होंने पहली बार किसी जनप्रतिनिधि को इस तरह सीधे काम में शामिल होते देखा है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
राजीव प्रताप रूडी का यह वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। लोग उनके इस अंदाज को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे जमीनी जुड़ाव और तकनीकी समझ का उदाहरण बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक छवि निर्माण से जोड़कर देख रहे हैं।
यह पहली बार नहीं है जब रूडी अपने इस तरह के अनोखे अंदाज को लेकर चर्चा में आए हों। इससे पहले भी वे कई बार अलग-अलग तकनीकी गतिविधियों में शामिल होकर सुर्खियां बटोर चुके हैं। उनका यह ‘हैंड्स-ऑन’ स्टाइल उन्हें अन्य नेताओं से अलग पहचान दिलाता है, जो लगातार चर्चा का विषय बना रहता है।
पायलट से लेकर फाइटर जेट उड़ान तक, पहले भी रहे हैं सुर्खियों में
राजीव प्रताप रूडी सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनकी पहचान एक प्रशिक्षित कमर्शियल पायलट के रूप में भी है। वे पहले भी विमान उड़ाते हुए और रेलवे इंजन संभालते हुए नजर आ चुके हैं, जिससे उनकी ‘मल्टी-स्किल्ड’ छवि और मजबूत हुई है।
कुछ समय पहले उन्होंने सुखोई-30 MKI फाइटर जेट में उड़ान भरकर भी सुर्खियां बटोरी थीं। इसके अलावा खराब मौसम के दौरान एक फ्लाइट को सुरक्षित लैंड कराने की घटना ने भी उनकी चर्चा बढ़ा दी थी। उनकी यह प्रोफाइल उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में पेश करती है जो सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि तकनीकी दुनिया में भी रुचि रखते हैं।
किसानों से लेकर विकास कार्य तक, जमीन से जुड़ने की कोशिश
सांसद रूडी सिर्फ तकनीकी गतिविधियों तक ही सीमित नहीं रहते, बल्कि क्षेत्रीय विकास और कृषि के प्रयोगों में भी सक्रिय रहते हैं। उन्होंने सारण में पैशन फ्रूट जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती को बढ़ावा देने की पहल की है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
उनके समर्थकों का मानना है कि इस तरह के प्रयोग उन्हें एक ‘एक्टिव और इनोवेटिव सांसद’ के रूप में स्थापित करते हैं। वहीं आलोचक इसे मीडिया में छवि मजबूत करने की रणनीति भी बताते हैं। हालांकि सोनपुर में पोकलेन मशीन चलाने का यह ताजा वीडियो एक बार फिर उन्हें सुर्खियों में ले आया है और बिहार की राजनीति में चर्चा का नया विषय बन गया है।
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