करीब 25-26 साल पहले जिस मैच फिक्सिंग ने दुनिया भर के क्रिकेट को हिला दिया था, अब वैसा ही एक नया विवाद सामने आ गया है। इस बार मामला और भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि इसमें अंडरवर्ल्ड कनेक्शन की आशंका जताई जा रही है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गिरोह का नाम कथित तौर पर इस पूरे मामले से जोड़ा जा रहा है। कनाडा की क्रिकेट टीम से जुड़ी इस जांच ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल पैदा कर दी है और क्रिकेट की विश्वसनीयता पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कप्तान बदलने तक की कहानी ने बढ़ाई शंका
कनाडा के राष्ट्रीय ब्रॉडकास्ट चैनल CBC की एक जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, टी-20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले कनाडा टीम में अचानक बदलाव किया गया और खिलाड़ी दिलप्रीत बाजवा को कप्तान बना दिया गया। यह फैसला सामान्य क्रिकेटिंग प्रक्रिया से अलग माना जा रहा है, जिससे संदेह और गहरा हो गया है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि टीम चयन और कप्तानी में बदलाव के पीछे बाहरी दबाव हो सकता है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन घटनाक्रम ने क्रिकेट जगत को चौंका दिया है।
मैच के दौरान संदिग्ध घटनाओं ने उठाए सवाल
जांच में एक खास मैच का भी जिक्र किया गया है, जिसमें कनाडा और न्यूजीलैंड आमने-सामने थे। इस मैच में कप्तान दिलप्रीत बाजवा ने अचानक गेंदबाजी करने का फैसला लिया, जबकि वे मुख्य रूप से बल्लेबाज हैं। उनके एक ओवर में नो-बॉल और वाइड समेत 15 रन दिए गए, जिससे मैच का रुख बदल गया।
इन घटनाओं को संदिग्ध मानते हुए इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल की एंटी-करप्शन यूनिट ने भी मामले पर ध्यान दिया और पूछताछ शुरू की। बताया गया कि खिलाड़ी का फोन भी जब्त किया गया है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। इससे यह संकेत मिलता है कि क्रिकेट की सबसे बड़ी संस्था इस मामले को गंभीरता से ले रही है।
धमकी, सट्टेबाजी और अंडरवर्ल्ड कनेक्शन
जांच रिपोर्ट में एक गवाह का भी जिक्र किया गया है, जिसने दावा किया कि टीम के एक खिलाड़ी को गैंग की ओर से धमकी दी गई थी। कथित तौर पर उससे कहा गया कि दो खास खिलाड़ियों को टीम में बनाए रखना होगा, नहीं तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। यह आरोप अंडरवर्ल्ड के पुराने तौर-तरीकों की याद दिलाता है, जब दबाव और लालच के जरिए मैच फिक्सिंग करवाई जाती थी।
कनाडा में खेलों पर होने वाली बड़ी सट्टेबाजी इस तरह की गतिविधियों को बढ़ावा दे सकती है। आंकड़ों के अनुसार, वहां क्रिकेट पर हर साल हजारों करोड़ रुपये का दांव लगता है। यही वजह है कि आशंका जताई जा रही है कि बड़े आर्थिक फायदे के लिए क्रिकेट को निशाना बनाया जा सकता है। अब सभी की नजर ICC की जांच पर टिकी है, जो यह साफ करेगी कि इन आरोपों में कितनी सच्चाई है।








