Viral News: दुनिया में पालतू जानवरों से लोगों का लगाव अक्सर परिवार के सदस्य जैसा हो जाता है। ऑस्ट्रेलिया से सामने आई एक घटना इस बात का अनोखा उदाहरण बन गई है। यहां एक व्यक्ति ने अपने पालतू कुत्ते को खोने के डर से ऐसा फैसला लिया जिसने हर किसी को चौंका दिया। रिपोर्ट के अनुसार उस कुत्ते को गंभीर कैंसर हो गया था और डॉक्टरों ने साफ कहा था कि उसकी जिंदगी ज्यादा लंबी नहीं बची है। अपने प्यारे साथी को हमेशा के लिए खोने की कल्पना से ही मालिक बेहद दुखी था। ऐसे में उसने एक ऐसी तकनीक का सहारा लिया जिसके बारे में आम लोग शायद ही जानते हों। उसने अपने कुत्ते के शरीर को भविष्य के लिए सुरक्षित रखने के लिए उसे खास तकनीक से फ्रीज करवाने का फैसला किया और इस प्रक्रिया पर करीब 18 लाख रुपये खर्च कर दिए।
क्रायोनिक्स तकनीक से बेहद कम तापमान पर सुरक्षित रखा गया शरीर
जिस प्रक्रिया से कुत्ते के शरीर को सुरक्षित रखा गया उसे क्रायोनिक्स कहा जाता है। यह एक ऐसी तकनीक है जिसमें किसी मृत जीव के शरीर को बहुत कम तापमान पर संरक्षित किया जाता है ताकि भविष्य में अगर विज्ञान इतना विकसित हो जाए कि उसे दोबारा जीवित किया जा सके तो वह संभव हो सके। इस प्रक्रिया में शरीर को पहले विशेष रसायनों की मदद से तैयार किया जाता है, ताकि कोशिकाएं लंबे समय तक सुरक्षित रह सकें। इसके बाद शरीर को अत्यधिक ठंडे तापमान में रखा जाता है, जहां तरल नाइट्रोजन का उपयोग किया जाता है। इस तकनीक का उद्देश्य शरीर के ऊतकों को खराब होने से बचाना होता है। हालांकि यह प्रक्रिया अभी भी वैज्ञानिक शोध और बहस का विषय बनी हुई है।
मालिक को उम्मीद, भविष्य में फिर मिल सकेगा उसका पालतू
रिपोर्ट के अनुसार उस व्यक्ति और उसके कुत्ते के बीच कई सालों से गहरा रिश्ता था। कुत्ता उसके जीवन का अहम हिस्सा बन चुका था और दोनों अक्सर साथ समय बिताते थे। जब डॉक्टरों ने बताया कि कुत्ते को बचाना मुश्किल है, तब मालिक ने इंटरनेट पर कई विकल्प तलाशे। इसी दौरान उसे अमेरिका में मौजूद एक संस्था के बारे में पता चला जो क्रायोनिक तकनीक के जरिए इंसानों और जानवरों के शरीर को लंबे समय तक सुरक्षित रखने का काम करती है। इसके बाद उसने अपने कुत्ते को वहां ले जाकर पूरी प्रक्रिया पूरी करवाई। मालिक का कहना है कि उसे उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में विज्ञान इतनी तरक्की कर लेगा कि उसका पालतू फिर से जीवित हो सकेगा और वह एक बार फिर अपने पुराने साथी के साथ समय बिता सकेगा।
वैज्ञानिकों के बीच इस तकनीक को लेकर जारी है बहस
हालांकि क्रायोनिक्स तकनीक को लेकर वैज्ञानिकों के बीच मतभेद भी हैं। कई विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान समय में किसी पूरे जीव को फ्रीज करने के बाद दोबारा जीवित करना संभव नहीं है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी तक इस तकनीक का उपयोग केवल छोटे जैविक नमूनों या कोशिकाओं को सुरक्षित रखने के लिए ही सफलतापूर्वक किया गया है। पूरे शरीर को सुरक्षित रखकर भविष्य में उसे जीवित करना अभी भी विज्ञान के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। इसके बावजूद दुनिया भर में कुछ लोग इस तकनीक को भविष्य की उम्मीद के रूप में देखते हैं और अपने प्रियजनों या पालतू जानवरों के शरीर को इस तरीके से संरक्षित करवाने का फैसला करते हैं। यही वजह है कि यह घटना सोशल मीडिया और वैज्ञानिक समुदाय दोनों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।
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