Thursday, February 19, 2026

सुपर-8 में पहुंचते ही क्यों बदल दिया गया रोल? बाबर आजम की बेइज्जती पर शादाब खान ने तोड़ी चुप्पी

टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के सुपर-8 में पहुंचने के बाद टीम मैनेजमेंट के एक फैसले ने सबका ध्यान खींच लिया। बाबर आजम को बल्लेबाजी क्रम में नीचे भेजा गया, जिसे लेकर क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञों के बीच चर्चा शुरू हो गई। आमतौर पर पारी की शुरुआत करने वाले बाबर का क्रम बदलना कई लोगों को चौंकाने वाला लगा। सोशल मीडिया पर इसे ‘डिमोशन’ तक कहा जाने लगा और सवाल उठने लगे कि क्या टीम के भीतर सब कुछ ठीक है। हालांकि टीम मैनेजमेंट ने इसे रणनीतिक फैसला बताया। पाकिस्तान ने सुपर-8 में जगह बनाकर टूर्नामेंट में नई उम्मीदें जगाई हैं, लेकिन इस बदलाव ने टीम के अंदर की सोच और भविष्य की रणनीति पर बहस छेड़ दी है।

शादाब खान ने दी सफाई, ‘हर खिलाड़ी के लिए मैसेज’

ऑलराउंडर Shadab Khan ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मुद्दे पर खुलकर बात की। उन्होंने साफ किया कि यह किसी एक खिलाड़ी की बेइज्जती या सजा नहीं है, बल्कि टीम के हित में लिया गया सामूहिक फैसला है। शादाब ने कहा कि “यह हर खिलाड़ी के लिए मैसेज है कि टीम पहले है, व्यक्तिगत रिकॉर्ड बाद में।” उनके मुताबिक टी20 जैसे फॉर्मेट में मैच की स्थिति के अनुसार बल्लेबाजी क्रम बदलना सामान्य रणनीति है। उन्होंने यह भी कहा कि बाबर टीम के सबसे अहम खिलाड़ियों में से एक हैं और उनका अनुभव किसी भी क्रम पर टीम के लिए फायदेमंद है। शादाब के बयान के बाद यह संकेत मिला कि टीम प्रबंधन फ्लेक्सिबल अप्रोच अपनाना चाहता है, ताकि विपक्ष के अनुसार संयोजन बदला जा सके।

रणनीति या दबाव? फैसले के पीछे की संभावित वजह

टी20 फॉर्मेट में पावरप्ले का बेहतर उपयोग करना बेहद जरूरी होता है। ऐसे में आक्रामक बल्लेबाजों को ऊपर भेजकर तेज शुरुआत करने की कोशिश की जाती है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि बाबर आजम हाल के मैचों में अपेक्षित स्ट्राइक रेट से रन नहीं बना पा रहे थे, इसलिए टीम ने आक्रामक शुरुआत के लिए संयोजन बदला। हालांकि यह भी सच है कि बाबर लंबे समय से पाकिस्तान बल्लेबाजी की रीढ़ रहे हैं। ऐसे में उन्हें नीचे भेजना एक बड़ा और साहसिक कदम माना जा रहा है। टीम प्रबंधन शायद मिडिल ओवरों में स्थिरता लाने के लिए बाबर के अनुभव का इस्तेमाल करना चाहता है। यह फैसला कितना सफल रहेगा, इसका जवाब आगे के मैचों में मिलेगा।

फैंस की प्रतिक्रिया और आगे की राह

पाकिस्तान क्रिकेट फैंस इस फैसले पर बंटे नजर आ रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि टीम को प्रयोग करने का अधिकार है, जबकि अन्य इसे कप्तान की प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रहे हैं। सोशल मीडिया पर बहस तेज है, लेकिन टीम के भीतर से जो संदेश आ रहा है, वह एकजुटता का है। शादाब खान ने स्पष्ट किया कि टीम का लक्ष्य सिर्फ ट्रॉफी जीतना है और हर खिलाड़ी को अपनी भूमिका के अनुसार ढलना होगा। सुपर-8 का चरण बेहद प्रतिस्पर्धी होता है और यहां हर रणनीतिक फैसला अहम साबित हो सकता है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि बाबर आजम बदले हुए रोल में कैसा प्रदर्शन करते हैं और क्या यह रणनीति पाकिस्तान को खिताब की दौड़ में आगे ले जा पाएगी।

 

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