Sunday, February 1, 2026

Budget 2026: रेलवे में आया अब तक का सबसे बड़ा बदलाव! 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर से बदलेगा दिल्ली से दक्षिण तक का सफर

Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में रेलवे को लेकर ऐसा ऐलान किया है, जो आने वाले दशकों तक देश के सफर और विकास की दिशा तय करेगा। बजट भाषण के दौरान उन्होंने 7 नए हाई-स्पीड रेलवे कॉरिडोर बनाने की घोषणा की, जिससे देश के प्रमुख आर्थिक, धार्मिक और औद्योगिक शहर सीधे और तेज़ रेल नेटवर्क से जुड़ेंगे। सरकार का मानना है कि इन कॉरिडोर के बनने से न सिर्फ यात्रा का समय घटेगा, बल्कि व्यापार, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। यह ऐलान ऐसे समय पर आया है जब देश में तेज़, सुरक्षित और आधुनिक रेल सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।

दिल्ली से वाराणसी तक हाई-स्पीड रेल, जानिए पूरे 7 कॉरिडोर

बजट में जिन 7 हाई-स्पीड रेलवे कॉरिडोर का ऐलान किया गया है, वे देश के उत्तर, पश्चिम और दक्षिण भारत को आपस में जोड़ेंगे। प्रस्तावित कॉरिडोर में मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी शामिल हैं। खास बात यह है कि दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर से धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी, जबकि दक्षिण भारत के शहरों को जोड़ने वाले कॉरिडोर आईटी, मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्ट-अप सेक्टर को मजबूत करेंगे। सरकार का फोकस ऐसे शहरों को जोड़ने पर है, जो देश की आर्थिक ग्रोथ के इंजन माने जाते हैं।

सीनियर सिटीजंस, सेफ्टी और ‘कवच 4.0’ पर बड़ा जोर

रेल बजट 2026 में आम यात्रियों की जरूरतों को भी अहमियत दी गई है। कोविड काल में बंद हुई सीनियर सिटीजंस की टिकट छूट को दोबारा शुरू किए जाने की उम्मीद ने बुजुर्ग यात्रियों को राहत दी है। पहले पुरुषों को 40% और महिलाओं को 50% तक की छूट मिलती थी, जिसे फिर से लागू करने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा रेलवे सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सरकार रेल सेफ्टी बजट को 1.3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा कर सकती है। स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम ‘कवच 4.0’ को तेज़ी से पूरे देश में लागू करने के लिए भी बड़े फंड का प्रावधान संभावित है, जिससे हादसों पर लगाम लगेगी और यात्रियों की सुरक्षा और मजबूत होगी।

वंदे भारत स्लीपर, नॉन-एसी कोच और भविष्य की तैयारी

बजट 2026 में रेलवे के भविष्य की झलक भी साफ दिखाई देती है। सरकार 24 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के बड़े पैमाने पर उत्पादन को बढ़ावा देने की तैयारी में है, ताकि लंबी दूरी के रूट पर तेज़ और आधुनिक सफर संभव हो सके। इसके साथ ही नॉन-एसी यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अगले पांच साल में 17,000 नए नॉन-एसी जनरल और स्लीपर कोच जोड़ने की योजना को औपचारिक रूप मिलने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, यह बजट रेलवे को सिर्फ परिवहन का साधन नहीं, बल्कि देश के आर्थिक विकास का मजबूत आधार बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

Read More-₹30 के एक डिब्बे से बदली किस्मत! जानिए कैसे बिलासपुर की सुनैना रोज कमा रही हैं ₹1300

Hot this week

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img