Delhi Child Murder News: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। यहां 11 साल के मासूम अल्तमश की मौत का आरोप उसके ही सौतेले पिता पर लगा है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी और बच्चे की मां के बीच लंबे समय से घरेलू विवाद चल रहा था। इसी तनाव के बीच आरोपी ने कथित तौर पर गुस्से में आकर मासूम की जान ले ली। यह मामला इसलिए भी लोगों को सिहराने वाला बन गया क्योंकि हत्या के बाद आरोपी ने कथित रूप से घटना का वीडियो बनाकर परिवार के कुछ सदस्यों को भेजा। पुलिस के अनुसार, यह वीडियो जांच का अहम हिस्सा है, जिसकी तकनीकी जांच की जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और पूरे इलाके में जांच शुरू की गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि घर से अक्सर झगड़ों की आवाजें आती थीं, लेकिन किसी ने कभी नहीं सोचा था कि मामला इतना भयावह मोड़ ले लेगा।
वीडियो भेजने के आरोप से और खौफनाक हुआ मामला
दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस हत्याकांड में सामने आया वीडियो पहलू पूरे मामले को और गंभीर बना देता है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया, कहां बनाया गया और किस डिवाइस से भेजा गया। साइबर टीम वीडियो की लोकेशन और टाइमलाइन खंगाल रही है ताकि घटना की कड़ी पूरी तरह स्पष्ट हो सके। फिलहाल आरोपी फरार है और उसकी तलाश में कई पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। बच्चे की मां और परिवार के अन्य सदस्यों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घरेलू कलह के मामलों में अक्सर बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं, लेकिन इस तरह की क्रूरता दुर्लभ और बेहद चिंताजनक है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि घर के भीतर होने वाली हिंसा को समय रहते क्यों नहीं पहचाना जाता। विशेषज्ञ मानते हैं कि पारिवारिक तनाव और असंतुलित रिश्ते कई बार मासूमों की जिंदगी पर भारी पड़ जाते हैं।
फरीदाबाद में भी रिश्ते शर्मसार, दो साल के बच्चे की गई जान
दिल्ली की इस घटना की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि हरियाणा के फरीदाबाद से एक और रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई। सेक्टर-58 थाना क्षेत्र के गांव सीकरी में एक दो वर्षीय मासूम की मौत ने सभी को स्तब्ध कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि बच्चे की मौत का जिम्मेदार भी उसका सौतेला पिता ही है। आरोपी रणवीर सिंह मजदूरी करता था और मूल रूप से बिहार के दरभंगा का रहने वाला है। वह अपनी दूसरी पत्नी और उसके पहले पति से हुए बच्चों के साथ रह रहा था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अक्सर पत्नी से बच्चों को लेकर झगड़ा करता था। उसे शिकायत थी कि पत्नी बच्चों पर ज्यादा ध्यान देती है और उसे नजरअंदाज करती है। इसी नाराजगी में 25 जनवरी की रात उसने गुस्से में आकर दो साल के मासूम को जमीन पर पटक दिया, जिससे बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सवालों के घेरे में समाज, मासूम क्यों बन रहे हिंसा का शिकार
दिल्ली और फरीदाबाद की ये दोनों घटनाएं सिर्फ अपराध की खबर नहीं हैं, बल्कि समाज के सामने एक गहरी चेतावनी भी हैं। दोनों मामलों में सौतेले पिता द्वारा बच्चों की हत्या ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि घरेलू रिश्तों में पनप रहा तनाव किस हद तक खतरनाक हो सकता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पारिवारिक विवादों को हल्के में लेना कई बार जानलेवा साबित होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समय रहते काउंसलिंग, सामाजिक हस्तक्षेप और सतर्कता बेहद जरूरी है। इन घटनाओं ने यह भी उजागर किया है कि बच्चों की सुरक्षा केवल कानून का नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। दोनों मामलों में पुलिस कानूनी कार्रवाई कर रही है, लेकिन जो सवाल पीछे छूट जाते हैं, वे और भी बड़े हैं—क्या हम समय रहते खतरे के संकेतों को पहचान पा रहे हैं? क्या मासूमों की आवाज सच में सुनी जा रही है? इन दर्दनाक घटनाओं ने रिश्तों की उस स्याह सच्चाई को सामने रखा है, जिसे अनदेखा करना अब और मुश्किल हो गया है।








