महाराष्ट्र के बारामती में हुआ विमान हादसा बुधवार को देश के लिए एक गहरा आघात बनकर सामने आया। उपमुख्यमंत्री अजित पवार जिस विमान से चुनाव प्रचार के लिए यात्रा कर रहे थे, वही विमान बारामती एयरपोर्ट के पास क्रैश हो गया। हादसा इतना भीषण था कि विमान कुछ ही सेकंड में आग के गोले में बदल गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस, दमकल विभाग और आपदा राहत टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था।
हादसे के बाद पूरे इलाके में धुआं, आग और चीख-पुकार का माहौल था। एयरपोर्ट के आसपास मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। सुरक्षा कारणों से क्षेत्र को तुरंत सील कर दिया गया। उड़ान सेवाएं रोक दी गईं और चुनावी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए। यह खबर जैसे ही फैली, महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक दलों के दफ्तरों में सन्नाटा पसर गया और समर्थकों की आंखें नम हो गईं।
यह हादसा सिर्फ एक विमान दुर्घटना नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे महाराष्ट्र की राजनीति के लिए एक ऐसा झटका कहा जा रहा है, जिसकी भरपाई करना आसान नहीं होगा। अजित पवार राज्य की सत्ता में एक मजबूत स्तंभ माने जाते थे और उनके अचानक चले जाने से राजनीतिक संतुलन पर असर पड़ना तय है।
पीएम मोदी का भावुक संदेश: ‘मैं सदमे और शोक में हूं’
अजित पवार के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि महाराष्ट्र के बारामती में हुए इस दुखद विमान हादसे से वे बेहद व्यथित हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस हादसे में जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके साथ उनकी पूरी संवेदनाएं हैं और वे ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि शोक संतप्त परिवारों को इस कठिन समय में शक्ति और साहस मिले।
बाद में प्रधानमंत्री ने अजित पवार को याद करते हुए कहा कि वे एक ऐसे नेता थे जिनका जनता से सीधा जुड़ाव था। उन्होंने हमेशा मेहनत, अनुशासन और समर्पण के साथ सार्वजनिक जीवन निभाया। प्रशासनिक मामलों की उनकी गहरी समझ और गरीबों व जरूरतमंदों के लिए काम करने का जज्बा उन्हें खास बनाता था। पीएम मोदी ने कहा कि उनका असामयिक निधन बेहद चौंकाने वाला और पीड़ादायक है, जिसे लंबे समय तक भुलाया नहीं जा सकेगा।
प्रधानमंत्री के इस संदेश के बाद देशभर से नेताओं, सामाजिक संगठनों और आम लोगों ने भी श्रद्धांजलि देनी शुरू कर दी। सोशल मीडिया पर ‘ओम शांति’ और ‘श्रद्धांजलि अजित पवार’ जैसे संदेश ट्रेंड करने लगे।
अमित शाह और राजनाथ सिंह ने जताया गहरा शोक
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अजित पवार के निधन को NDA परिवार के लिए एक बड़ी क्षति बताया। उन्होंने कहा कि यह हादसा बेहद दुखद और मन को व्यथित करने वाला है। शाह ने याद किया कि पिछले कई दशकों में अजित पवार ने महाराष्ट्र के हर वर्ग के कल्याण के लिए काम किया। जब भी उनसे मुलाकात होती थी, चर्चा का केंद्र हमेशा राज्य की जनता और उनके हित होते थे।
अमित शाह ने कहा कि अजित पवार का जाना सिर्फ राजनीतिक नुकसान नहीं है, बल्कि यह उनके लिए भी एक व्यक्तिगत क्षति है। उन्होंने पवार परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा NDA परिवार मजबूती से उनके साथ खड़ा है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि अजित पवार ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में महाराष्ट्र के विकास के लिए खुद को पूरी तरह समर्पित कर दिया था। जनता के प्रति उनकी करुणा और सेवा भावना को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने पवार परिवार और समर्थकों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं और कहा कि यह क्षति अपूरणीय है।
चश्मदीद की आंखोंदेखी: ‘धमाके हुए और सब कुछ खत्म हो गया’
बारामती में मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी ने हादसे के उन पलों को याद करते हुए बताया कि दृश्य बेहद डरावना था। उन्होंने कहा कि जैसे ही विमान नीचे आया, तभी लगा कि कुछ गड़बड़ है। अगले ही पल तेज आवाज के साथ विमान जमीन से टकराया और जोरदार धमाका हुआ। देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगीं और एक के बाद एक कई विस्फोट हुए।
चश्मदीद के मुताबिक लोग मदद के लिए दौड़े, लेकिन आग इतनी भयानक थी कि किसी का पास जाना संभव नहीं था। कुछ ही मिनटों में सब कुछ खत्म हो गया। उन्होंने कहा कि यह दृश्य शब्दों में बयान करना बहुत मुश्किल है। जब पता चला कि विमान में अजित पवार सवार थे, तो वहां मौजूद हर व्यक्ति स्तब्ध रह गया।
इस हादसे ने न केवल बारामती बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। अजित पवार का जाना महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐसे अध्याय का अंत माना जा रहा है, जिसने दशकों तक सत्ता, संघर्ष और जनसेवा को करीब से देखा। उनके निधन से पैदा हुआ खालीपन लंबे समय तक महसूस किया जाएगा।








