Saturday, January 24, 2026

देशभक्ति की धड़कन फिर तेज! ‘बैटल ऑफ गलवान’ का पहला गाना ‘मातृभूमि’ रिलीज होते ही सलमान खान ने जीत लिया दिल

सलमान खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ का पहला गाना ‘मातृभूमि’ आखिरकार रिलीज कर दिया गया है और रिलीज होते ही यह गाना दर्शकों के दिलों को छूता नजर आ रहा है। टीज़र के बाद से ही जिस गाने का इंतजार किया जा रहा था, वह अब पूरी तरह सामने आ चुका है। ‘मातृभूमि’ सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि फिल्म के इमोशनल और देशभक्ति से भरे सफर की पहली झलक है। गाने की सादगी, उसकी गहराई और भावनात्मक जुड़ाव इसे खास बनाता है। इसमें न तो जरूरत से ज्यादा शोर है और न ही बनावटीपन, बल्कि हर फ्रेम और हर शब्द देश, कर्तव्य और बलिदान की भावना को मजबूती से सामने रखता है। गाना सुनते ही यह साफ हो जाता है कि ‘बैटल ऑफ गलवान’ सिर्फ एक वॉर फिल्म नहीं, बल्कि उन जज़्बातों की कहानी है, जो एक सैनिक अपने परिवार और मातृभूमि के लिए दिल में रखता है। गाने के रिलीज के साथ ही सोशल मीडिया पर सलमान खान के फैंस इसे अब तक का सबसे इमोशनल देशभक्ति गीत बता रहे हैं।

फौजी अवतार में सलमान खान, परिवार और ड्यूटी के बीच का संघर्ष

‘मातृभूमि’ गाने की सबसे बड़ी खासियत सलमान खान का फौजी लुक है, जिसने दर्शकों पर गहरा असर डाला है। गाने में सलमान एक भारतीय सेना अधिकारी के किरदार में नजर आते हैं, जहां उनकी गंभीर आंखें और सधा हुआ हाव-भाव किरदार की गहराई को दिखाता है। उनके साथ चित्रांगदा सिंह नजर आती हैं, जो उनकी पत्नी के रूप में दिखाई गई हैं। दोनों की ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री बेहद स्वाभाविक लगती है और किसी भी बनावटीपन से दूर रहती है। गाने में उन्हें दो छोटे बच्चों के साथ एक परिवार के रूप में दिखाया गया है, जहां घर के शांत और खुशहाल पल एक सैनिक की कठिन ड्यूटी से टकराते नजर आते हैं। एक तरफ परिवार के साथ बिताए गए सुकून भरे पल हैं, तो दूसरी तरफ गलवान की बर्फीली वादियों में जंग और संघर्ष के दृश्य। यही टकराव गाने को भावनात्मक रूप से और भी मजबूत बनाता है। ‘मातृभूमि’ यह दिखाता है कि एक सैनिक के लिए देशसेवा सिर्फ वर्दी पहनना नहीं, बल्कि अपने निजी सुखों का त्याग करना भी है। सलमान खान का यह अवतार लंबे समय तक याद रखा जा सकता है।

हिमेश रेशमिया की धुन में देशभक्ति की गूंज

‘मातृभूमि’ गाने को हिमेश रेशमिया ने कंपोज किया है और इस बार उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह इमोशन और मेलोडी को कितनी खूबसूरती से जोड़ सकते हैं। यह गाना तेज बीट्स या भारी म्यूजिक पर नहीं, बल्कि भावनाओं की गहराई पर टिका हुआ है। हिमेश ने खुद बताया है कि ‘बैटल ऑफ गलवान’ के लिए ‘मातृभूमि’ बनाना उनके लिए बेहद इमोशनल अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि इस गाने की फील भारतीय सेना की ऊर्जा, अनुशासन और जज़्बे से आई है। संगीत में कहीं भी बनावटीपन महसूस नहीं होता, बल्कि हर सुर कहानी के साथ बहता नजर आता है। अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल की आवाज़ ने गाने को और भी खास बना दिया है। दोनों की गायकी में दर्द, गर्व और समर्पण साफ झलकता है, जो सीधे दिल तक पहुंचता है। यह गाना सुनने के बाद दर्शक खुद को कहानी से जुड़ा हुआ महसूस करते हैं और यही किसी देशभक्ति गीत की सबसे बड़ी सफलता होती है।

दमदार टीम और बड़े वादों के साथ आ रही ‘बैटल ऑफ गलवान’

‘बैटल ऑफ गलवान’ को सलमा खान ने सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले प्रोड्यूस किया है, जबकि फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया कर रहे हैं। फिल्म का म्यूजिक सलमान खान फिल्म्स म्यूजिक लेबल से रिलीज किया गया है और सोनी म्यूजिक इंडिया इसकी ऑफिशियल म्यूजिक डिस्ट्रीब्यूशन पार्टनर है। ‘मातृभूमि’ के बोल समीर अंजन ने लिखे हैं, जो सरल होने के साथ-साथ गहरे अर्थ भी रखते हैं। फिल्म बहादुरी, बलिदान और देश के लिए जान देने वाले जज़्बे की कहानी दिखाने का वादा करती है। सलमान खान के साथ चित्रांगदा सिंह की अहम भूमिका इस कहानी को भावनात्मक संतुलन देती नजर आती है। पहले गाने से ही साफ हो गया है कि ‘बैटल ऑफ गलवान’ सिर्फ एक एक्शन फिल्म नहीं, बल्कि उन सैनिकों को श्रद्धांजलि है, जो देश की रक्षा के लिए हर मोर्चे पर डटे रहते हैं। ‘मातृभूमि’ ने फिल्म को लेकर दर्शकों की उम्मीदें और भी बढ़ा दी हैं और अब सभी को बेसब्री से इंतजार है कि आगे के गाने और फिल्म की कहानी किस तरह सामने आती है।

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