उज्जैन तराना हिंसा एक बार फिर चर्चा में है, जहां जुमे की नमाज के बाद इलाके में माहौल अचानक बिगड़ गया और दो पक्षों के बीच झड़प शुरू हो गई। देखते ही देखते यह विवाद हिंसक रूप ले बैठा। बताया जा रहा है कि दोनों तरफ से लोग लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर सड़कों पर उतर आए। कुछ जगहों पर तलवारें लहराने की बातें भी सामने आई हैं। झड़प के दौरान पत्थरबाजी इतनी तेज हुई कि कई घरों और दुकानों के बाहर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ मिनटों के भीतर ही पूरा इलाका तनाव की चपेट में आ गया और लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। इस घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और हालात संभालने की कोशिश की, लेकिन तब तक कई गाड़ियों को नुकसान हो चुका था। उज्जैन तराना हिंसा के इस मामले ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
22 जनवरी की घटना से जुड़ा है विवाद, युवक पर हमला बना वजह
जानकारी के अनुसार उज्जैन तराना हिंसा की जड़ें 22 जनवरी की शाम हुई एक घटना से जुड़ी बताई जा रही हैं। उस शाम करीब 7:00 से 7:30 बजे के बीच सोहेल ठाकुर नाम के युवक पर कई लोगों ने हमला किया था। हमले में युवक के सिर में गंभीर चोट आई, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया और फिर उज्जैन रेफर कर दिया गया। इसी घटना के बाद अगली सुबह माहौल और ज्यादा खराब हो गया। आरोप है कि कई घरों में तोड़फोड़ की गई और इलाके में गुस्सा फैल गया। इस बीच दोनों पक्षों में टकराव बढ़ता गया और हालात ऐसे बने कि लोग हथियार लेकर आमने-सामने आ गए। इसके बाद पत्थरबाजी और आगजनी शुरू हो गई। कई दोपहिया वाहनों को नुकसान पहुंचा, जबकि कुछ गाड़ियां आग की चपेट में आ गईं। तनाव बढ़ने पर प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। उज्जैन तराना हिंसा अब सिर्फ एक झगड़े का मामला नहीं रह गया, बल्कि यह पूरे इलाके में डर और असुरक्षा का कारण बन गई है।
पत्थरबाजी में जली बस, ड्राइवर बोला- मेरी क्या गलती थी?
उज्जैन तराना हिंसा के दौरान सबसे गंभीर घटनाओं में एक बस को आग के हवाले किया जाना बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हिंसा के बीच कई गाड़ियों को निशाना बनाया गया और एक बस में आग लगा दी गई। बाद में अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। बस चालक शेख पप्पू खान ने इस पूरे मामले पर अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि उनकी बस यात्रियों को लेकर स्टैंड की तरफ जा रही थी और उनका किसी विवाद से कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने बताया कि जब वह बस को सुरक्षित मोड़ रहे थे, तभी अचानक पीछे से हमला हुआ और फिर बस को पूरी तरह तोड़ दिया गया। चालक का कहना है कि उन्हें करीब 25 मिनट तक उसी जगह अकेला छोड़ दिया गया और बाद में किसी ने घर पहुंचने में मदद की। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि हर बार झगड़ों में गरीब लोगों की गाड़ियों को ही नुकसान क्यों झेलना पड़ता है। इस बयान के बाद उज्जैन तराना हिंसा का मानवीय पक्ष भी सामने आया है, जहां आम लोगों को बिना गलती के भारी नुकसान उठाना पड़ा।
पुलिस कार्रवाई तेज, 6 में से 5 गिरफ्तार, मुख्य आरोपी अब भी फरार
उज्जैन तराना हिंसा के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 6 में से 5 आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। बताया गया है कि आरोपियों पर हिंदूवादी संगठन के एक नेता पर जानलेवा हमले का आरोप है। वहीं विश्व हिंदू परिषद के नेता विष्णु पाटीदार ने कहा कि संगठन के कार्यकर्ता सोहेल ठाकुर पर पीछे से लाठी से हमला किया गया था। उन्होंने दावा किया कि चार-पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और अब तक पांच गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। हालांकि, उनके अनुसार मुख्य आरोपी, जिसने सिर पर वार किया था, वह अभी भी फरार है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन को पहले ही चेतावनी दी गई थी कि जल्द नतीजे सामने आने चाहिए और इस विषय पर अधिकारियों के साथ बातचीत लगातार चल रही है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन इलाके में हालात पर नजर बनाए हुए हैं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बढ़ाई गई है। उज्जैन तराना हिंसा के इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर इलाके में शांति और भरोसे की स्थिति को चुनौती दी है, वहीं प्रशासन के सामने भी यह बड़ा सवाल है कि आगे ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए कितनी सख्ती और सतर्कता जरूरी है।
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