दिल्ली-एनसीआर के लोगों को जहरीली हवा के बीच थोड़ी राहत जरूर मिली है। वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार दर्ज होने के बाद ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान यानी GRAP के चौथे चरण की सख्त पाबंदियों को हटा लिया गया है। मंगलवार को दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 378 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में तो है, लेकिन ‘गंभीर’ स्तर से नीचे आने के कारण GRAP-4 को हटाने का फैसला लिया गया। इस फैसले से कंस्ट्रक्शन गतिविधियों, तोड़-फोड़ के काम और कुछ औद्योगिक गतिविधियों पर लगी रोक में राहत मिली है। हालांकि अधिकारियों ने साफ किया है कि यह राहत स्थायी नहीं है और हालात बिगड़ने पर पाबंदियां दोबारा लगाई जा सकती हैं। ऐसे में यह फैसला राहत के साथ-साथ सतर्कता का संदेश भी देता है।
GRAP-3 अब भी लागू, पूरी छूट नहीं
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि GRAP के पहले, दूसरे और तीसरे चरण की पाबंदियां अभी भी लागू रहेंगी। इसका मतलब यह है कि डीजल जनरेटर के उपयोग, कुछ प्रकार के वाहनों, ईंट-भट्टों और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर नियंत्रण जारी रहेगा। आयोग ने लोगों और एजेंसियों से अपील की है कि वे मौजूदा नियमों का सख्ती से पालन करें ताकि AQI का स्तर और न बिगड़े। दरअसल, GRAP-4 हटने के बाद यह आशंका बनी रहती है कि ढील मिलते ही प्रदूषण बढ़ सकता है। इसी कारण प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि यह राहत जिम्मेदारी के साथ है और नियमों की अनदेखी करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
क्यों लगाया गया था GRAP-4, कैसे सुधरी हवा
दिल्ली-एनसीआर में 17 जनवरी को हालात उस वक्त बिगड़ गए थे जब औसत AQI तेजी से बढ़कर गंभीर श्रेणी में पहुंच गया था। इसी के बाद CAQM की सब-कमेटी ने GRAP-4 लागू करने का फैसला लिया था। 18 जनवरी को AQI 440 दर्ज किया गया, जो हालात की गंभीरता को दर्शाता है। इसके बाद मौसम में हल्का बदलाव, हवा की गति में सुधार और कुछ हद तक प्रशासनिक सख्ती का असर दिखा। 19 जनवरी को AQI घटकर 410 हुआ और 20 जनवरी को यह और सुधरकर 378 पर पहुंच गया। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि यह सुधार अस्थायी भी हो सकता है, क्योंकि सर्दियों में मौसम की स्थिति कभी भी पलट सकती है और प्रदूषण फिर से बढ़ सकता है।
कड़ी निगरानी जारी, फिर लौट सकता है GRAP-4
CAQM की सब-कमेटी ने साफ किया है कि आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जाएगी। दिल्ली और एनसीआर की सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मौजूदा GRAP के स्टेज I, II और III के तहत उपायों को और सख्ती से लागू करें। मौसम विभाग (IMD) और IITM द्वारा जारी मौसम और AQI के पूर्वानुमान के आधार पर समय-समय पर हालात की समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि अगर AQI दोबारा गंभीर स्तर पर पहुंचता है, तो GRAP-4 को फिर से लागू करने में देर नहीं की जाएगी। ऐसे में लोगों से अपील है कि वे निजी वाहनों का कम उपयोग करें, खुले में कचरा न जलाएं और प्रशासन का सहयोग करें, ताकि यह राहत लंबे समय तक बनी रह सके।








