देश की राजधानी दिल्ली में साफ पानी की आपूर्ति एक बार फिर सवालों के घेरे में है। प्रेम नगर, बलजीत नगर, पटेल नगर, नबी करीम और सदर बाजार जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में लोग नल से साफ पानी नहीं, बल्कि गंदा और बदबूदार पानी पाने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक इन इलाकों की पानी की पाइपलाइनें करीब 45 से 50 साल पुरानी हैं, जिन्हें आज तक बदला नहीं गया। जर्जर हो चुकी पाइपलाइनों में जगह-जगह लीकेज है, जिससे नालों और सीवर का पानी सप्लाई लाइन में मिल रहा है। नतीजा यह है कि घरों तक ऐसा पानी पहुंच रहा है, जिसे न तो पीया जा सकता है और न ही सुरक्षित रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है। हालात इतने खराब हैं कि लोग नल का पानी देखकर ही डर जाते हैं।
बोतलबंद पानी पर बढ़ता खर्च और लोगों की मजबूरी
गंदे पानी की आपूर्ति ने लोगों की जेब पर भी सीधा असर डाला है। नबी करीम, पहाड़गंज, दरियागंज, चांदनी चौक और सदर बाजार जैसे इलाकों में रहने वाले लोग रोजाना 20 से 30 रुपये खर्च कर 20 लीटर की पानी की बोतल खरीदने को मजबूर हैं। कई परिवारों का कहना है कि महीने में सिर्फ पीने के पानी पर ही सैकड़ों रुपये खर्च हो जाते हैं। फिल्टर वाटर की स्थिति भी बेहतर नहीं है, क्योंकि उसमें जरूरी मिनरल्स की जानकारी नहीं दी जाती। लोग यह भी नहीं जान पाते कि जो पानी वे पी रहे हैं, वह वास्तव में सेहत के लिए सुरक्षित है या नहीं। अनुमान के मुताबिक इन इलाकों की करीब 40 प्रतिशत आबादी मजबूरी में गंदा पानी पी रही है, क्योंकि हर कोई रोज बोतलबंद पानी खरीदने में सक्षम नहीं है।
बीमारियों का बढ़ता खतरा, आरओ भी हो रहे खराब
प्रेम नगर की हालत सबसे ज्यादा चिंताजनक बताई जा रही है। यहां लगभग हर घर में आरओ मशीन लगी हुई है, लेकिन लगातार गंदा पानी आने से कई आरओ भी खराब हो चुके हैं। जो लोग आरओ खरीदने में सक्षम नहीं हैं, वे कंधों पर पानी की बोतलें लादकर दूर-दराज से पानी लाने को मजबूर हैं। प्रेम नगर की गली नंबर एक में तो हालात और भी भयावह हैं, जहां सीवर का गंदा पानी सीधे घरों की पाइप लाइनों में मिल रहा है। कई घरों में मल-मूत्र युक्त पानी पहुंचने की शिकायतें सामने आई हैं। इसके चलते पेट दर्द, उल्टी, दस्त, बुखार और त्वचा रोग जैसी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। कुछ लोग मजबूरी में इसी पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे उन्हें बार-बार अस्पताल जाना पड़ रहा है।
प्रशासन पर उठे सवाल, लोगों की सुनवाई नहीं
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि कई वर्षों से लगातार बनी हुई है। प्रेम नगर और नबी करीम के लोगों ने कई बार संबंधित विभागों और प्रशासन से शिकायत की, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। लोग अपने खर्च पर सीवर की सफाई कराते हैं, फिर भी गंदा पानी आना बंद नहीं होता। सदर बाजार के बगीची रघुनाथ इलाके में स्थिति यह है कि घरों तक पानी नहीं पहुंचने के कारण लोगों ने 50 से 100 मीटर दूर से अलग पाइपलाइन डलवा रखी है। नबी करीम के निवासी नंदकिशोर का कहना है कि पानी की समस्या वर्षों से बनी हुई है, लेकिन प्रशासन ने कभी गंभीरता से नहीं सुना। लोगों का आरोप है कि जब तक पाइपलाइन पूरी तरह बदली नहीं जाएगी, तब तक दिल्ली के इन इलाकों में नल से साफ पानी सिर्फ सपना ही बना रहेगा।








