भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए तीसरे यूथ ODI में जैसे ही वैभव सूर्यवंशी बल्लेबाजी के लिए उतरे, यह साफ हो गया था कि वह किसी खास इरादे से आए हैं। भारतीय कप्तान ने पहले ही ओवर से दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। गेंदबाजों की लाइन और लेंथ को बखूबी समझते हुए उन्होंने मैदान के चारों ओर शॉट लगाए। पावरप्ले के दौरान उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने विपक्षी टीम की रणनीति पूरी तरह बिगाड़ दी। वैभव ने सिर्फ 24 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर दिया, जिसने दर्शकों के साथ-साथ डगआउट में बैठे खिलाड़ियों को भी हैरान कर दिया। इस तेज शुरुआत ने भारत को मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया और दक्षिण अफ्रीका को बैकफुट पर धकेल दिया।
63 गेंदों में शतक: गेंदबाजों के लिए बना बुरा सपना
अर्धशतक के बाद भी वैभव सूर्यवंशी का बल्ला रुका नहीं। उन्होंने धैर्य और आक्रामकता का ऐसा संतुलन दिखाया, जो आमतौर पर सीनियर स्तर के बल्लेबाजों में देखने को मिलता है। अगले 50 रन पूरे करने में उन्होंने 39 गेंदें लीं और महज 63 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया। इस दौरान उन्होंने 8 छक्के और 6 चौके जड़े। हर छक्का जैसे दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों के आत्मविश्वास पर सीधा वार कर रहा था। फील्ड बदलने और गेंदबाजी में बदलाव के बावजूद अफ्रीकी टीम वैभव को रोकने में नाकाम रही। यह शतक सिर्फ रन बनाने की कहानी नहीं था, बल्कि यह दिखाता है कि वैभव बड़े मैच और दबाव में भी खुद को कैसे साबित कर रहे हैं।
127 रनों की खेली विस्फोटक पारी
तीसरे यूथ ODI में वैभव सूर्यवंशी आखिरकार 74 गेंदों में 127 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन तब तक वह मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़ चुके थे। उनकी इस पारी में 9 चौके और 19 छक्के शामिल थे, जो अंडर-19 स्तर पर उनकी आक्रामक सोच को साफ दर्शाता है। यह उनके लिस्ट-A करियर का दूसरा शतक रहा। इससे पहले उन्होंने अंडर-19 एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ 171 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी, जिसने उन्हें रातोंरात सुर्खियों में ला दिया था। सिर्फ 9 मैचों के लिस्ट-A करियर में इस तरह के प्रदर्शन ने उन्हें भविष्य का बड़ा सितारा बना दिया है। क्रिकेट विशेषज्ञ मान रहे हैं कि वैभव का यह फॉर्म भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद शुभ संकेत है।
कप्तानी में भी असरदार
वैभव सूर्यवंशी सिर्फ बल्लेबाजी से ही नहीं, बल्कि कप्तानी में भी अपनी छाप छोड़ रहे हैं। 3 जनवरी से शुरू हुई भारत-दक्षिण अफ्रीका अंडर-19 यूथ ODI सीरीज में भारतीय टीम ने उनकी कप्तानी में अब तक खेले गए दोनों मुकाबले जीते हैं। दूसरे वनडे में भी वैभव ने अहम अर्धशतकीय पारी खेली थी। मैदान पर उनकी ऊर्जा, फैसलों में आत्मविश्वास और खिलाड़ियों को प्रेरित करने की क्षमता साफ नजर आती है। 14 साल की उम्र में इस तरह का नेतृत्व और प्रदर्शन यह दिखाता है कि वैभव सिर्फ एक प्रतिभाशाली बल्लेबाज नहीं, बल्कि भविष्य के लीडर भी हैं। अगर वह इसी तरह निरंतर प्रदर्शन करते रहे, तो आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट को एक नया सुपरस्टार मिलने से कोई नहीं रोक सकता।








