Independence Day: भारतीय क्रिकेट इतिहास में 15 अगस्त सिर्फ स्वतंत्रता दिवस के लिए ही नहीं, बल्कि एक अद्वितीय क्रिकेटिंग उपलब्धि के लिए भी याद किया जाता है। साल 2010 में श्रीलंका के खिलाफ वनडे मैच में विराट कोहली ने शानदार शतक जड़कर इतिहास रच दिया था। यह वह दिन था जब पूरा देश आज़ादी के जश्न में डूबा था और क्रिकेट प्रेमी मैदान पर एक नए सितारे का उदय देख रहे थे। कोहली का वह शतक टीम इंडिया की जीत में अहम साबित हुआ और उन्हें क्रिकेट जगत में “भविष्य का कप्तान” कहा जाने लगा। आज भी फैंस उस पारी को याद करके रोमांचित हो उठते हैं, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं।
चयन प्रक्रिया में नया मोड़
हाल के दिनों में BCCI ने टीम चयन को लेकर कुछ कड़े मानदंड तय किए हैं, जिनमें फिटनेस टेस्ट, घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन और फॉर्म को प्राथमिकता दी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, विराट कोहली भले ही इंटरनेशनल क्रिकेट में दिग्गज माने जाते हों, लेकिन पिछले कुछ समय से उनकी फॉर्म और फिटनेस को लेकर सवाल उठने लगे हैं। चयनकर्ताओं का मानना है कि टीम में जगह बनाने के लिए खिलाड़ियों को ताज़ा प्रदर्शन के आधार पर मौका दिया जाएगा, भले ही उनका अतीत कितना भी शानदार क्यों न हो। यही वजह है कि कोहली की वापसी पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
फैंस के मन में सवाल, क्या होगी वापसी?
कोहली के करियर के इस मोड़ पर फैंस के मन में एक ही सवाल है — क्या यह सिर्फ अस्थायी ब्रेक है या फिर टीम इंडिया में उनकी भूमिका अब खत्म होने की कगार पर है? सोशल मीडिया पर ‘Bring Back Kohli’ और ‘Justice for King’ जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कोहली आने वाले घरेलू टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो चयनकर्ताओं के लिए उन्हें नजरअंदाज करना मुश्किल हो जाएगा। लेकिन तब तक 15 अगस्त का वह ऐतिहासिक शतक एक मीठी-सी याद और मौजूदा विवाद का केंद्र बना रहेगा।