दिल्ली के प्रतिष्ठित कार्यक्रम स्थल भारत मंडपम में आयोजित AI समिट 2026 के दौरान उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल के बाहर भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। शुक्रवार को हुए इस विरोध में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और टी-शर्ट उतारकर “PM is Compromised” जैसे स्लोगन लगाए। उनका आरोप था कि प्रस्तावित व्यापार समझौते से देश के छोटे उद्योग और युवाओं के रोजगार पर असर पड़ सकता है।
प्रदर्शन के दौरान कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल स्थिति संभाली और प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया। हालांकि इस घटना का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं, जिसके बाद मामला राजनीतिक रंग लेने लगा। कांग्रेस की युवा इकाई का कहना है कि उनका विरोध लोकतांत्रिक तरीके से दर्ज कराया गया, जबकि सत्तारूढ़ दल ने इसे देश की छवि खराब करने वाला कदम बताया।
बीजेपी का पलटवार, देशभर में प्रदर्शन
घटना के अगले ही दिन भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोल दिया। शनिवार को बीजेपी ने दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन किए। दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर बीजेपी युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया, जिन पर राहुल गांधी से माफी की मांग की गई थी।
बीजेपी नेताओं का आरोप है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह का प्रदर्शन भारत की साख को नुकसान पहुंचाता है। उनका कहना है कि AI समिट जैसे वैश्विक आयोजन में व्यवधान डालना देशहित के खिलाफ है। पार्टी प्रवक्ताओं ने बयान जारी कर कांग्रेस से जवाब मांगा और कहा कि विपक्ष को अपनी राजनीति के लिए अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
अकबर रोड पर बैरिकेड, पुलिस अलर्ट
दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के दौरान हालात को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने अकबर रोड पर दो परतों में बैरिकेडिंग कर दी। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए ताकि किसी तरह की झड़प या अव्यवस्था न हो। हालांकि प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, जिससे थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
इस प्रदर्शन में दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष विनोद सचदेवा और सांसद मनोज तिवारी भी मौजूद रहे। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस पर देश की छवि को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया और यातायात को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया गया।
दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बीजेपी अनावश्यक रूप से मुद्दे को तूल दे रही है और असली सवालों से ध्यान भटका रही है। उनका दावा है कि युवाओं की आवाज उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है।
ट्रेड डील पर सियासत, आगे क्या?
AI समिट 2026 का मुख्य फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल सहयोग और वैश्विक साझेदारी पर था। लेकिन यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद चर्चा का केंद्र भारत-अमेरिका संभावित ट्रेड डील बन गई। विशेषज्ञों का मानना है कि व्यापार समझौतों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विरोध प्रदर्शन से संदेश अलग जा सकता है।
फिलहाल यह मामला सियासी बहस का विषय बन चुका है। एक ओर बीजेपी कांग्रेस से माफी की मांग कर रही है, तो दूसरी ओर कांग्रेस इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मामला बता रही है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या यह विवाद संसद या अन्य राजनीतिक मंचों तक पहुंचेगा।
दिल्ली में हुई इस घटना ने साफ कर दिया है कि AI समिट जैसे वैश्विक आयोजनों के बीच भी घरेलू राजनीति का असर दिखाई दे सकता है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि दोनों दल इस मुद्दे को कैसे आगे बढ़ाते हैं और क्या इस विवाद का कोई राजनीतिक समाधान निकलता है।
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