UP: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की नई जिला कार्यकारिणी की घोषणा के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पार्टी ने लालचंद यादव को जिला मंत्री बनाया है, जिन पर वर्ष 2020 में हुए एक हत्या के मामले में आरोपी होने का आरोप है। इस नियुक्ति के बाद विपक्ष ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला है और इसे कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने वाला कदम बताया है। वहीं, इस मामले ने स्थानीय स्तर पर भी सियासी माहौल गरमा दिया है और पार्टी के भीतर भी चर्चा तेज हो गई है।
2020 की घटना से जुड़ा है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, यह मामला महाराजगंज थाना क्षेत्र के गोंदापुर गांव का है, जहां 2020 के प्रधानी चुनाव के दौरान ओमकार दुबे नाम के व्यक्ति की हत्या हुई थी। इस मामले में 19 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें लालचंद यादव का नाम भी शामिल था। ओमकार दुबे उस समय बीजेपी के बूथ अध्यक्ष थे और क्षेत्र में पार्टी का मजबूत आधार माना जाता था। इसी कारण यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है, क्योंकि मृतक का परिवार भी भाजपा समर्थक बताया जा रहा है।
पीड़ित परिवार की नाराजगी, कार्रवाई की मांग
ओमकार दुबे के भाई नागेंद्र दुबे ने इस नियुक्ति पर कड़ी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि बीजेपी हमेशा कानून और व्यवस्था की बात करती है, लेकिन ऐसे व्यक्ति को जिम्मेदारी देना बेहद दुखद है जिस पर गंभीर आरोप लगे हों। उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से अपील की है कि लालचंद यादव को तत्काल पद से हटाया जाए और निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए। इस बयान के बाद मामला और भी तूल पकड़ता जा रहा है।
BJP का बचाव, सपा का हमला तेज
इस पूरे विवाद पर बीजेपी जिला अध्यक्ष ने सफाई देते हुए कहा कि केवल मुकदमा दर्ज हो जाने से कोई व्यक्ति अपराधी नहीं हो जाता, जब तक अदालत उसे दोषी न ठहराए। उनका दावा है कि यह मामला चुनावी रंजिश के चलते दर्ज कराया गया था। वहीं, समाजवादी पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर बीजेपी पर जोरदार हमला बोला है। सपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि जब सरकार में ही दागी नेताओं को जगह मिलती है, तो संगठन में भी ऐसे लोगों को महत्व दिया जाएगा। उन्होंने बीजेपी पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि विपक्ष के लोगों को तुरंत दोषी ठहराया जाता है, जबकि अपने मामलों में कानून का सहारा लिया जाता है।
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