राघव चड्ढा पर अपनी ही पार्टी का वार! आतिशी ने कहा- ‘वह बीजेपी से इतने डरे हुए…’

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद Raghav Chadha के एक बयान ने पार्टी के अंदर ही हलचल पैदा कर दी है। शुक्रवार को उन्होंने कहा कि उन्हें “खामोश कराया गया है, लेकिन वह हारे नहीं हैं।” यह बयान उस समय आया जब पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में उपनेता के पद से हटा दिया। उनके इस बयान को पार्टी के कई नेताओं ने अलग नजरिए से देखा और अब यह मामला खुलकर सामने आ गया है। राजनीतिक गलियारों में इस बयान को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ लोग इसे आंतरिक असंतोष का संकेत मान रहे हैं, तो कुछ इसे पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेदों का संकेत बता रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने आम आदमी पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं और विपक्षी दल भी इसे मुद्दा बनाने की कोशिश में हैं।

आतिशी के सवाल—‘बीजेपी से डर क्यों?’

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आप नेता Atishi ने राघव चड्ढा के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कई सवाल उठाए। उन्होंने सीधे तौर पर पूछा कि आखिर वह भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री Narendra Modi से सवाल पूछने से क्यों बच रहे हैं। आतिशी ने कहा कि देश इस समय गंभीर संकट से गुजर रहा है, जहां लोकतंत्र और संविधान पर खतरा मंडरा रहा है, लेकिन ऐसे समय में चुप रहना सही नहीं है। उन्होंने पश्चिम बंगाल के चुनाव का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग का दुरुपयोग हो रहा है, लेकिन राघव चड्ढा इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। उनके बयान से साफ झलकता है कि पार्टी के अंदर इस मुद्दे को लेकर नाराजगी गहराती जा रही है।

महंगाई, चुनाव और महाभियोग पर उठे सवाल

आतिशी ने केवल राजनीतिक चुप्पी ही नहीं, बल्कि कई अहम मुद्दों पर भी राघव चड्ढा को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि जब विपक्ष चुनाव आयोग के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लेकर आया, तब चड्ढा ने उस पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। इसके अलावा उन्होंने महंगाई और एलपीजी सिलेंडर के बढ़ते दामों का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि आम आदमी आज गैस सिलेंडर की कीमतों से जूझ रहा है, लेकिन इस पर भी राघव चड्ढा की ओर से कोई ठोस आवाज नहीं उठाई गई। उन्होंने यह भी कहा कि जब पार्टी के अन्य सांसद इस मुद्दे को संसद में उठा रहे थे, तब चड्ढा की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। आतिशी के इन आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है और यह अब केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा।

लंदन यात्रा पर भी घिरी सियासत, केजरीवाल का जिक्र

आतिशी ने राघव चड्ढा की लंदन यात्रा को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब Arvind Kejriwal की गिरफ्तारी के दौरान पार्टी के नेता सड़कों पर संघर्ष कर रहे थे, तब चड्ढा विदेश में थे। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या वह डर की वजह से लंदन गए थे। हालांकि उस समय चड्ढा ने अपनी आंखों के इलाज का कारण बताया था, लेकिन अब यह मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया है। आतिशी ने यह भी कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता और नेता संघर्ष से पीछे नहीं हटते और जेल जाने से भी नहीं डरते। इस पूरे विवाद ने आम आदमी पार्टी के भीतर गुटबाजी की आशंका को और हवा दे दी है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी इस आंतरिक टकराव को कैसे संभालती है और क्या राघव चड्ढा इस पर खुलकर प्रतिक्रिया देते हैं या नहीं।

Read More-मां ने खोला राज, पुलिस ने किया एनकाउंटर—सौतेले पिता की सच्चाई सुनकर कांप उठेंगे आप

 

Hot this week

1 करोड़ का इनामी माओवादी ‘किशन दा’ का अंत, इलाज के दौरान RIMS में मौत ने मचा दी सनसनी

झारखंड के रांची में प्रतिबंधित CPI-माओवादी संगठन के वरिष्ठ...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img