मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बने अस्थिर हालात के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय एलपीजी टैंकर ‘नंदा देवी’ सफलतापूर्वक इस संवेदनशील समुद्री मार्ग को पार करते हुए देश लौट आया है। जहाज अपने साथ करीब 47 हजार मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आया है, जो देश की ऊर्जा जरूरतों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ऐसे समय में जब वैश्विक स्तर पर सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ रही थी, इस जहाज की सुरक्षित वापसी ने बड़ी राहत दी है।
लगातार पहुंच रहे गैस टैंकर
इससे पहले एलपीजी टैंकर ‘शिवालिक’ भी सुरक्षित रूप से गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंच चुका है, जिसमें लगभग 46 हजार मीट्रिक टन गैस लाई गई थी। लगातार दो बड़े टैंकरों के पहुंचने से यह साफ संकेत मिलता है कि भारत अपनी ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखने के लिए सक्रिय और तैयार है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन शिपमेंट्स से देश में एलपीजी की उपलब्धता बेहतर होगी और बाजार में बनी अनिश्चितता कम होगी। इससे आम उपभोक्ताओं को भी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
ऊर्जा आपूर्ति पर मंडरा रहा था खतरा
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में ऊर्जा संसाधनों की आपूर्ति होती है। हाल ही में इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव के चलते वैश्विक बाजारों में चिंता का माहौल बन गया था। कई देशों को आशंका थी कि यदि स्थिति बिगड़ती है तो आपूर्ति बाधित हो सकती है। भारत जैसे ऊर्जा आयात पर निर्भर देश के लिए यह स्थिति और भी संवेदनशील मानी जाती है। ऐसे में ‘नंदा देवी’ और ‘शिवालिक’ जैसे जहाजों की सुरक्षित आवाजाही ने इस चिंता को काफी हद तक कम किया है।
आपूर्ति बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास
सरकार और संबंधित एजेंसियां लगातार इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि देश में एलपीजी की सप्लाई सुचारु रूप से जारी रहे। अधिकारियों के अनुसार, अभी तक किसी बड़े संकट की स्थिति नहीं है और आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। साथ ही भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक इंतजामों पर भी काम किया जा रहा है। ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सरकार हर संभव कदम उठा रही है, ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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