नंदीग्राम में फिर ममता बनर्जी की एंट्री होगी? 6 सीटों पर उपचुनाव के ऐलान ने बढ़ाई सियासी हलचल

चुनाव आयोग ने चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की कुल छह सीटों पर उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इनमें असम की नागांव लोकसभा सीट और पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु व पुडुचेरी की पांच विधानसभा सीटें शामिल हैं। इन सभी सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि 9 अक्टूबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे। पश्चिम बंगाल की दो सीटें रेजीनगर और नंदीग्राम हैं। इसके अलावा तमिलनाडु की मदुरंतकम और धारापुरम तथा पुडुचेरी की थट्टानचावडी विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव होगा। चुनाव की तारीख सामने आने के बाद खासतौर पर पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

नंदीग्राम पर टिकी सबकी नजर

इन छह सीटों में सबसे ज्यादा चर्चा पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम सीट को लेकर हो रही है। यह सीट मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की मजबूत राजनीतिक जमीन मानी जाती है। 2021 के विधानसभा चुनाव में यहां सुवेंदु अधिकारी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया था। इसके बाद हुए विधानसभा चुनाव में भी सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से चुनाव लड़ा और दोनों जगह जीत दर्ज की। भवानीपुर में उन्होंने ममता बनर्जी को भी मात दी। हालांकि जीत के बाद सुवेंदु अधिकारी ने अपनी पारंपरिक नंदीग्राम सीट छोड़ दी, जिसके चलते अब यहां उपचुनाव की स्थिति बनी है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ममता बनर्जी एक बार फिर इस सीट से चुनावी मैदान में उतरेंगी?

क्या ममता फिर आजमाएंगी नंदीग्राम?

नंदीग्राम के पिछले चुनावी आंकड़े भी मुकाबले की तस्वीर साफ करते हैं। सुवेंदु अधिकारी को 2021 में 1,10,764 वोट मिले थे, जबकि ममता बनर्जी को 1,08,808 वोट हासिल हुए थे। हालिया विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम से 1,27,301 वोट हासिल किए, जबकि टीएमसी उम्मीदवार प्रतीभा कर को 1,17,636 वोट मिले। ऐसे में अगर ममता बनर्जी इस उपचुनाव में उतरती हैं तो मुकाबला एक बार फिर बेहद दिलचस्प हो सकता है। हालांकि अभी टीएमसी की ओर से उनकी उम्मीदवारी को लेकर कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है। यही वजह है कि नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

बाकी सीटों पर भी क्यों हो रहा उपचुनाव?

असम की नागांव लोकसभा सीट भी इस उपचुनाव का हिस्सा है। यहां से सांसद रहे प्रद्युत बोरदोलोई ने विधानसभा चुनाव से पहले इस्तीफा दे दिया था और बाद में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे। पश्चिम बंगाल की रेजीनगर सीट भी खाली हुई है। यहां आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने जीत हासिल की थी। उन्होंने नौदा सीट से भी जीत दर्ज की थी, जिसके बाद रेजीनगर सीट से इस्तीफा दे दिया। तमिलनाडु की मदुरंतकम और धारापुरम तथा पुडुचेरी की थट्टानचावडी सीट पर भी अब जनता नए प्रतिनिधि का चुनाव करेगी। इन सभी सीटों के नतीजे संबंधित राज्यों की सियासत पर असर डाल सकते हैं।

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