कच्चे तेल में उबाल, फिर भी राहत बरकरार! क्या सच में नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल और LPG के दाम? सरकार का बड़ा अपडेट

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और Iran पर United States व Israel के हमलों के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है। अंतरराष्ट्रीय मानक Brent Crude करीब 16.8 प्रतिशत तक चढ़ चुका है, जबकि West Texas Intermediate (WTI) में भी लगभग 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऐसे माहौल में भारत में पेट्रोल, डीजल और LPG की कीमतों को लेकर लोगों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। हालांकि सरकारी सूत्रों के मुताबिक फिलहाल उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। Press Trust of India (पीटीआई) की रिपोर्ट के अनुसार निकट भविष्य में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि तेल कंपनियां अभी बढ़ी हुई लागत का बोझ खुद उठा रही हैं और आम जनता पर तत्काल असर नहीं डाला जाएगा।

सरकार की रणनीति: कीमतें स्थिर रखने की कोशिश

सरकार ने एक संतुलित रणनीति अपनाई है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम होती हैं तो ऑयल मार्केटिंग कंपनियां अपना मार्जिन सुधार लेती हैं, जबकि जब कीमतें अचानक बढ़ती हैं तो कुछ समय तक वे बढ़ोतरी को सीधे ग्राहकों तक नहीं पहुंचातीं। वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी Nomura की रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल भारतीय कंपनियां बढ़ी हुई लागत को अपने स्तर पर संभाल रही हैं। यही वजह है कि देश के प्रमुख शहरों में अब तक पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं। सरकार ने यह भी कहा है कि गैस सप्लाई के मामले में अब वह केवल कतर पर निर्भर नहीं है। ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों ने गैस आपूर्ति का प्रस्ताव दिया है और भारत ऐसे बाजारों की ओर रुख कर रहा है जहां युद्ध का असर कम है।

रूस से दोबारा तेल आयात, सप्लाई सुरक्षित रखने की कोशिश

भारत अपनी कुल तेल जरूरतों का लगभग 90 प्रतिशत आयात करता है। हाल के महीनों में भारत ने मध्य पूर्व से आयात बढ़ाया था, लेकिन मौजूदा तनाव को देखते हुए फिर से रूस से कच्चे तेल की खरीद बढ़ाई जा रही है। Russia से सस्ते दरों पर मिलने वाला कच्चा तेल भारत के लिए विकल्प बनकर उभरा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मिडिल ईस्ट से सप्लाई में संभावित बाधा को देखते हुए भारत ने रूसी क्रूड की ओर रुख किया है ताकि घरेलू बाजार में किसी तरह की कमी न हो। यह कदम ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि सप्लाई का विविधीकरण (Diversification) भारत को वैश्विक संकट के समय स्थिरता देता है और अचानक मूल्य वृद्धि के जोखिम को कम करता है।

5 मार्च 2026 के ताजा रेट और आगे की संभावना

5 मार्च 2026 को देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम इस प्रकार रहे:
दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर।
हैदराबाद में पेट्रोल 107.46 रुपये और डीजल 95.70 रुपये प्रति लीटर।
बेंगलुरु में पेट्रोल 102.92 रुपये और डीजल 90.99 रुपये प्रति लीटर।
चेन्नई में पेट्रोल 100.84 रुपये और डीजल 92.39 रुपये प्रति लीटर।
कोलकाता में पेट्रोल 105.45 रुपये और डीजल 92.39 रुपये प्रति लीटर।
लखनऊ में पेट्रोल 94.69 रुपये और डीजल 87.81 रुपये प्रति लीटर।

फिलहाल सरकार की कोशिश है कि वैश्विक संकट का असर आम उपभोक्ताओं पर कम से कम पड़े। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहीं तो भविष्य में संशोधन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। अभी के लिए राहत बरकरार है, लेकिन वैश्विक हालात पर नजर बनी हुई है।

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