Tilak Varma Run Out: भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीसरे T20I मुकाबले में तिलक वर्मा के साथ ऐसा वाकया हुआ, जिसने मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों से लेकर दर्शकों तक को हैरान कर दिया। एक शॉट को बाउंड्री तक पहुंचा हुआ समझकर तिलक वर्मा और अक्षर पटेल ने दौड़ना बंद कर दिया। दोनों बल्लेबाज पिच के बीच में रुककर एक-दूसरे से बात करने लगे। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि गेंद अभी खेल में है। वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों ने इस गलती का फायदा उठाया और तिलक वर्मा को अपना विकेट गंवाना पड़ा। यह घटना मैच के 17वें ओवर में हुई, जब भारतीय टीम को इस तरह के विकेट की उम्मीद नहीं थी।
17वें ओवर में हुई बड़ी चूक
मुकाबले के दौरान वेस्टइंडीज के गेंदबाज गुडाकेश मोती ने लेग स्टंप के बाहर फुलटॉस गेंद डाली। अक्षर पटेल ने इस गेंद पर जोरदार फ्लिक शॉट खेला। दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआत में एक रन पूरा कर लिया। इसके बाद उन्हें लगा कि गेंद सीमा रेखा के पार चली गई है। इसी सोच के चलते दोनों ने अगला रन लेने के लिए तेजी दिखाने के बजाय पिच के बीच में रुकना बेहतर समझा। दोनों ने एक-दूसरे को मुक्का मारकर बधाई भी दी। लेकिन उनकी यह खुशी ज्यादा देर नहीं टिक सकी। गेंद बाउंड्री पार नहीं गई थी और वेस्टइंडीज की टीम के पास अभी भी बल्लेबाज को आउट करने का मौका था। इसी छोटी-सी गलतफहमी ने भारत को बड़ा झटका दे दिया।
Boundary-னு நினைச்சு Wicket-ஐ பறிகொடுத்துட்டாரு Tilak Varma🫠
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— Star Sports Tamil (@StarSportsTamil) October 11, 2026
शाई होप और मोती की समझदारी से रन आउट हुए तिलक
वेस्टइंडीज के विकेटकीपर शाई होप ने तेजी से गेंद उठाई और स्ट्राइकर छोर पर अक्षर पटेल को रन आउट करने का प्रयास किया। अक्षर समय रहते अपनी क्रीज में पहुंच गए, लेकिन इसके बाद गेंद गुडाकेश मोती के पास पहुंची। मोती ने नॉन-स्ट्राइकर छोर की गिल्लियां बिखेर दीं। तिलक वर्मा उस समय क्रीज से बाहर थे और वापस पहुंचने में नाकाम रहे। थर्ड अंपायर ने रिप्ले देखने के बाद उन्हें रन आउट घोषित कर दिया। इस फैसले के बाद अक्षर पटेल के चेहरे पर हल्की मुस्कान दिखाई दी, जबकि भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर डगआउट में नाराज नजर आए। क्रिकेट में पहले भी ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। साल 2011 में इंग्लैंड के बल्लेबाज इयान बेल के साथ ट्रेंट ब्रिज टेस्ट में ऐसा ही हुआ था। हालांकि, उस समय भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने खेल भावना दिखाते हुए अपील वापस ले ली थी और बेल को दोबारा बल्लेबाजी का मौका मिला था। तिलक वर्मा के साथ हुई इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि क्रिकेट में गेंद के खेल में रहने तक सतर्कता बेहद जरूरी है।
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