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सिर्फ 2 मिनट में हाईटेक वार! सॉफ्टवेयर से अनलॉक कर उड़ा ले गए फार्च्यूनर, ऐसे पकड़ा गया शातिर गिरोह

UP Car Theft News: अगर आप अपनी महंगी कार घर के बाहर खड़ी करते हैं तो यह खबर आपके लिए चेतावनी है। आगरा के पाॅश इलाके जयपुर हाउस में एक कारोबारी की टोयोटा फार्च्यूनर को हाईटेक तरीके से चुरा लिया गया। कारोबारी पुल्कित बंसल के पास कई लग्जरी कारें हैं और जगह की कमी के कारण वह अपनी फार्च्यूनर को घर के बाहर पार्क करते थे। 17 फरवरी की रात करीब 2 बजे एक क्रेटा कार वहां आकर रुकी। सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि उसमें से कोई नीचे नहीं उतरा, लेकिन महज दो मिनट बाद एक युवक फार्च्यूनर को अनलॉक कर उसे लेकर फरार हो गया। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह ने कार के इलेक्ट्रॉनिक लॉक को सॉफ्टवेयर और डिवाइस की मदद से हैक किया। वाईफाई कनेक्शन के जरिए लॉकिंग सिस्टम को लैपटॉप से जोड़ा गया और बिना किसी शोर-शराबे के कार खोल ली गई। यह तरीका इतना तेज था कि आसपास के लोगों को भनक तक नहीं लगी।

सीसीटीवी से खुला राज, मथुरा में घेराबंदी कर एक गिरफ्तार

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई। एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह के नेतृत्व में टीम ने इलाके के सीसीटीवी कैमरे खंगाले। फुटेज से पता चला कि कार बिचपुरी, अछनेरा और मोगर्रा गांव के रास्ते मथुरा की ओर बढ़ी। गिरोह पुलिस से बचने के लिए टोल प्लाजा से दूर गांव के रास्तों का इस्तेमाल कर रहा था। रास्ते में कई बार कार को अलग-अलग जगह खड़ा भी किया गया ताकि ट्रैकिंग से बचा जा सके। मथुरा पहुंचते-पहुंचते कार अचानक बंद हो गई। चूंकि कार में जीपीएस सिस्टम नहीं था, इसलिए चोरों ने एक निजी कंपनी की रिकवरी वैन बुला ली। वे कार को हरियाणा के गुरुग्राम ले जाने की तैयारी में थे। इसी बीच पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर घेराबंदी कर दी। दो आरोपी अपनी कार से भाग निकले, लेकिन मुख्य आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। चोरी की गई फार्च्यूनर भी बरामद कर ली गई।

आधे दाम में बेचते थे लग्जरी कार

गिरफ्तार आरोपी की पहचान रिजवान जिया उल्लाह खान के रूप में हुई है, जो महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के पनवेल क्षेत्र का निवासी है। उसके पास से दो चाबियां और एक मोबाइल बरामद हुआ है। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने साथियों पुष्पेंद्र, बिट्टू, आदिल, पिंटू और एक अन्य के साथ मिलकर यह वारदात अंजाम देता था। गिरोह हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में 15 से अधिक लग्जरी कारें चोरी कर चुका है। इनका तरीका बेहद पेशेवर था—पहले ऑन डिमांड कार की पहचान, फिर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से लॉक तोड़ना और उसके बाद फर्जी कागजात तैयार कर कार को आधे दाम में बेच देना। करीब 30 लाख रुपये की कार को 15-16 लाख रुपये में बेच दिया जाता था। इसके लिए एक फर्जी कंपनी भी बना रखी थी, जिसके जरिए खरीद-फरोख्त दिखाई जाती थी। गिरोह के सदस्य आपस में रकम बांट लेते थे और शौक-मौज पर खर्च करते थे।

साइबर ठगी से लेकर हाईटेक चोरी तक

पुलिस जांच में सामने आया कि रिजवान पहले भी वाहन चोरी के मामले में जेल जा चुका है। वह केरल में साइबर ठगी की घटनाओं में भी शामिल रहा है। पिछले छह महीनों से वह इस वाहन चोर गिरोह के साथ सक्रिय था। जब साइबर ठगी से पर्याप्त पैसा नहीं मिलता था तो वह ऑन डिमांड लग्जरी कार चोरी करता था। गिरोह खासतौर पर उन रास्तों का चयन करता था जहां टोल प्लाजा नहीं होते, ताकि नंबर प्लेट स्कैनिंग से बचा जा सके। गांव के रास्तों से कारों को बाहर निकालकर दूसरे राज्यों में पहुंचाया जाता था। पुलिस अब इस गैंग के सरगना आदिल समेत पांच अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह तकनीकी रूप से बेहद सक्षम है और लग्जरी वाहनों को निशाना बनाता है। इस घटना ने साफ कर दिया है कि अब वाहन चोरी भी हाईटेक हो चुकी है और कार मालिकों को अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपनाने की जरूरत है।

 

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