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25 राउंड तक जीत पक्की… मिठाइयां भी बंट गईं, फिर आखिरी पल में क्या हुआ कि मंत्री जी 1 वोट से हार गए?

तमिलनाडु चुनाव 2026 में तिरुपत्तूर सीट पर रोमांचक मुकाबला, मंत्री केआर पेरियाकरुप्पन 1 वोट से हारे, जानिए पूरी कहानी।

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KR Periyakaruppan

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में एक ऐसा मुकाबला देखने को मिला, जिसने सबको हैरान कर दिया। Tiruppattur सीट पर मुकाबला इतना कड़ा था कि हर राउंड के साथ उत्सुकता बढ़ती गई। डीएमके सरकार के मंत्री KR Periyakaruppan ने मतगणना की शुरुआत से ही बढ़त बना ली थी। 30 में से 25 राउंड तक वह लगातार आगे रहे और करीब ढाई हजार वोटों की लीड हासिल कर ली थी। उनके समर्थकों को पूरा भरोसा हो गया था कि जीत तय है। इसी भरोसे में जश्न शुरू हो गया, मिठाइयां बांटी जाने लगीं और बधाइयों का दौर भी शुरू हो गया।

26वें राउंड से बदला खेल

लेकिन राजनीति में आखिरी नतीजा आने तक कुछ भी तय नहीं होता। 26वें राउंड में अचानक मुकाबले ने नया मोड़ ले लिया। टीवीके उम्मीदवार R. Srinivas Sethupathi ने पहली बार बढ़त बनाई और 199 वोटों से आगे निकल गए। इसके बाद हर राउंड के साथ मुकाबला और रोमांचक होता गया। 29वें राउंड तक आते-आते दोनों उम्मीदवार लगभग बराबरी पर पहुंच गए। इस दौरान मतगणना केंद्र के बाहर मौजूद लोगों की धड़कनें तेज हो गईं और माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया।

आखिरी राउंड में एक वोट ने बदल दी कहानी

जब 30वां और आखिरी राउंड शुरू हुआ, तब हर किसी की नजर सिर्फ अंतिम आंकड़ों पर थी। जैसे ही काउंटिंग खत्म हुई, नतीजा ऐसा आया जिसने सभी को चौंका दिया। टीवीके के उम्मीदवार R. Srinivas Sethupathi ने कुल 83,375 वोट हासिल किए, जबकि KR Periyakaruppan को 83,374 वोट मिले। यानी सिर्फ एक वोट से हार-जीत तय हुई। दिलचस्प बात यह रही कि दोनों उम्मीदवारों को बराबर 38.65 प्रतिशत वोट मिले, लेकिन एक वोट के अंतर ने पूरी बाजी पलट दी। यह नतीजा बताता है कि लोकतंत्र में हर एक वोट कितना अहम होता है।

टीवीके का बड़ा प्रदर्शन, राजनीति में नई एंट्री का असर

इस चुनाव में Tamilaga Vettri Kazhagam ने शानदार प्रदर्शन कर सभी को चौंका दिया। अभिनेता Vijay की पार्टी ने पहली बार चुनाव लड़ते हुए 234 सीटों वाली विधानसभा में 100 से ज्यादा सीटें जीतकर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। वहीं डीएमके, एआईएडीएमके और अन्य पार्टियां पीछे रह गईं। तिरुपत्तूर सीट का यह नतीजा पूरे चुनाव का सबसे चर्चित मुकाबला बन गया है, जिसने यह साबित कर दिया कि आखिरी राउंड तक धैर्य बनाए रखना कितना जरूरी है।

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