मथुरा के वृंदावन में विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर की संकरी गलियों में मंगलवार की शाम को उस वक्त अचानक सन्नाटा और चीख-पुकार मच गई, जब एक जर्जर इमारत का भारी-भरकम छज्जा अचानक नीचे चल रहे श्रद्धालुओं पर आ गिरा। इस दिल दहला देने वाले हादसे में करीब 8 से 9 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। अचानक हुए इस हादसे के बाद मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। स्थानीय लोगों और सुरक्षाकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत मलबे को हटाया और घायलों को इलाज के लिए वृंदावन के नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। हादसे की खबर फैलते ही पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में राहत कार्य शुरू किया गया।
बंदरों की उछल-कूद और खराब मौसम बना काल!
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और चश्मदीदों के मुताबिक, यह खौफनाक हादसा मंदिर के गेट नंबर 5 के पास स्थित एक तंग गली में हुआ। दरअसल, मंगलवार की शाम को अचानक मौसम का मिजाज बदल गया था और तेज हवाएं चल रही थीं। इसी दौरान गली में स्थित एक पुरानी निजी इमारत के जर्जर छज्जे पर बड़ी संख्या में बंदर उछल-कूद कर रहे थे। छज्जा पहले से ही बेहद कमजोर और जर्जर हालत में था, जो तेज हवा और बंदरों के वजन को बर्दाश्त नहीं कर सका और अचानक भरभराकर सीधे नीचे से गुजर रहे श्रद्धालुओं पर गिर पड़ा। इस घटना का एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे पलक झपकते ही हंसते-खेलते जा रहे श्रद्धालुओं पर मौत का मलबा गिर जाता है।
सीएम योगी ने लिया तुरंत संज्ञान, एक श्रद्धालु की हालत नाजुक
इस संवेदनशील हादसे की जानकारी मिलते ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत इसका संज्ञान लिया। सीएम योगी ने मथुरा के वरिष्ठ अधिकारियों को बिना वक्त गंवाए मौके पर पहुंचने और राहत कार्य में तेजी लाने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि घायलों को हर संभव और बेहतर इलाज मुफ्त मुहैया कराया जाए, साथ ही पीड़ितों के परिजनों से लगातार संवाद कर उन्हें हर जरूरी सहायता दी जाए। इधर, मथुरा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. राधावल्लभ ने बताया कि मलबे की चपेट में आने से घायल हुए 8-9 लोगों में से 5 श्रद्धालुओं के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। फिलहाल 6 लोगों की स्थिति स्थिर है, जबकि एक श्रद्धालु की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिसे डॉक्टरों की विशेष निगरानी में रखा गया है।
मंदिर परिसर सुरक्षित, जिला प्रशासन पर फूटा स्थानीय लोगों का गुस्सा
हादसे के बाद सोशल मीडिया पर यह अफवाह तेजी से फैलने लगी कि दुर्घटना बांके बिहारी मंदिर के अंदर हुई है। इस पर स्थिति साफ करते हुए जिला मजिस्ट्रेट सीपी सिंह ने बताया कि यह अफवाह पूरी तरह से निराधार और गलत है। मंदिर परिसर पूरी तरह सुरक्षित है, यह हादसा मंगलवार शाम करीब 6 बजे मंदिर से कुछ दूरी पर गली नंबर 5 में हुआ था, जब लोग दर्शन करके लौट रहे थे। वहीं दूसरी तरफ, इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में जिला प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का आरोप है कि अधिकारी रोजाना बांके बिहारी मंदिर के आसपास की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के बड़े-बड़े दावे करते हैं और अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हैं, लेकिन मंदिर की मुख्य कुंज गलियों में लटके इन जर्जर मकानों और छज्जों की तरफ किसी का ध्यान नहीं जाता, जिसकी वजह से आज यह बड़ा हादसा हो गया।
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