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TMC में बढ़ी सियासी हलचल! कुणाल घोष ने शुभेंदु अधिकारी पर लगाए गंभीर आरोप, आखिर किसे बनाया जा रहा है निशाना?

पश्चिम बंगाल में TMC नेता कुणाल घोष ने शुभेंदु अधिकारी पर ममता बनर्जी के समर्थकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।

कुणाल घोष

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने राज्य सरकार और विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी के प्रति वफादार नेताओं और विधायकों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है। कुणाल घोष का कहना है कि जो नेता ममता बनर्जी के साथ मजबूती से खड़े हैं, उन्हें पुराने मामलों या अन्य आरोपों के जरिए परेशान किया जा रहा है। वहीं, दूसरे नेताओं के खिलाफ ऐसी कार्रवाई नहीं हो रही है। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है।

तारातला हादसे का भी किया जिक्र

कुणाल घोष ने अपने बयान में हाल ही में हुए तारातला बिल्डिंग हादसे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर भवन से जुड़े दस्तावेजों पर पूर्व मेयर और वरिष्ठ टीएमसी नेता फिरहाद हकीम के हस्ताक्षर मौजूद हैं, तो उनके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उनका कहना है कि कुछ नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की बात होती है, जबकि ममता बनर्जी के करीबी नेताओं को ही ज्यादा दबाव में लाया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से अलग-अलग बयान सामने आए हैं और मामले को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।

TMC के अंदर भी बढ़ी हलचल

इसी बीच तृणमूल कांग्रेस के अंदर चल रही खींचतान भी खुलकर सामने आने लगी है। पार्टी से अलग हुए नेताओं के एक गुट ने कोलकाता में पूर्व पार्षदों के साथ बैठक की। इस बैठक में संगठन की भविष्य की रणनीति और नई नेतृत्व व्यवस्था पर चर्चा की गई। बैठक में शामिल नेताओं का कहना है कि पार्टी को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं की समस्याओं को समझने के लिए यह कदम उठाया गया। इस घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि टीएमसी के भीतर नेतृत्व और संगठन को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं।

बागी नेताओं का बड़ा दावा

पार्टी से निष्कासित विधायक संदीपन साहा ने दावा किया कि कई विधायक, पूर्व पार्षद और वरिष्ठ नेता उनके गुट के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संगठन की नई दिशा तय होगी और इसके लिए लगातार बैठकें की जा रही हैं। दूसरी ओर, टीएमसी का आधिकारिक नेतृत्व अपने संगठन को मजबूत बनाए रखने की बात कह रहा है। फिलहाल पश्चिम बंगाल की राजनीति में टीएमसी के भीतर की गतिविधियां और नेताओं के बयान चर्चा का विषय बने हुए हैं। आने वाले दिनों में इस पूरे मामले में क्या नया मोड़ आता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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