मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में पावरलूम पर काम करने वाले बुनकरों के लिए अच्छी खबर है। करीब तीन साल के लंबे इंतजार के बाद उनकी मजदूरी बढ़ा दी गई है। अब एक मीटर कपड़ा तैयार करने पर उन्हें 25 रुपये 25 पैसे की जगह 26 रुपये 50 पैसे मिलेंगे। यानी हर मीटर पर 1 रुपये 25 पैसे ज्यादा मिलेंगे। नई मजदूरी 5 जुलाई से लागू होगी। इस फैसले से जिले के करीब 50 हजार पावरलूम बुनकरों को फायदा मिलेगा। लंबे समय से मजदूरी बढ़ाने की मांग कर रहे श्रमिकों ने इस फैसले का स्वागत किया है।
तीन साल तक क्यों नहीं बढ़ी मजदूरी?
पहले हर साल बुनकरों और टेक्सटाइल कारोबारियों के बीच मजदूरी बढ़ाने पर सहमति बन जाती थी। लेकिन कोरोना महामारी, जीएसटी और कारोबार में आई मंदी की वजह से पिछले तीन साल से मजदूरी नहीं बढ़ाई गई। इस दौरान महंगाई लगातार बढ़ती रही, जिससे बुनकरों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा। रोजमर्रा का खर्च बढ़ने के बाद भी उन्हें पुरानी मजदूरी पर ही काम करना पड़ रहा था।
29 रुपये की मांग थी, लेकिन समझौता 26.50 रुपये पर हुआ
बुनकर संगठनों ने इस बार 29 रुपये प्रति मीटर मजदूरी की मांग की थी। उनका कहना था कि महंगाई को देखते हुए यही सही दर है। वहीं, टेक्सटाइल कारोबारियों ने इतनी बढ़ोतरी पर सहमति नहीं दी। कई दौर की बातचीत के बाद दोनों पक्ष 26 रुपये 50 पैसे प्रति मीटर मजदूरी पर राजी हो गए। यानी पहले के मुकाबले 1 रुपये 25 पैसे की बढ़ोतरी की गई। इसके बाद बुनकरों ने भी इस फैसले को स्वीकार कर लिया।
बुनकरों को राहत, लेकिन उम्मीद अभी भी बाकी
नई मजदूरी से बुनकरों की आमदनी में कुछ बढ़ोतरी जरूर होगी। हालांकि उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई के मुकाबले यह बढ़ोतरी ज्यादा नहीं है। फिर भी तीन साल बाद मजदूरी बढ़ने से उनमें खुशी है। अब उन्हें उम्मीद है कि आगे हर साल मजदूरी की समीक्षा होगी और जरूरत के अनुसार इसमें बढ़ोतरी की जाएगी। इससे उनकी आर्थिक स्थिति और बेहतर हो सकेगी।
Read more-मुंबई में स्कूल बस पर मौत बनकर गिरा पेड़, एक छात्र की जान गई, कई घायल
