यूपी के 78 हजार कोटेदारों को बड़ा फायदा, योगी कैबिनेट ने बढ़ाया कमीशन; जानें कब से मिलेगा लाभ

यूपी के करीब 78 हजार उचित दर विक्रेताओं यानी कोटेदारों के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के करीब एक महीने के भीतर कैबिनेट ने कोटेदारों का लाभांश बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। अब उन्हें खाद्यान्न वितरण पर 90 रुपये की जगह 125 रुपये प्रति क्विंटल लाभांश मिलेगा। इस फैसले से राज्य सरकार पर हर साल करीब 225 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। सरकार का मानना है कि बढ़े हुए लाभांश से राशन वितरण व्यवस्था से जुड़े कोटेदारों को आर्थिक राहत मिलेगी।

केंद्र के फैसले के बाद राज्य ने बढ़ाया हिस्सा

केंद्र सरकार ने एक जुलाई की अधिसूचना और एक सितंबर के आदेश के तहत कोटेदारों को मिलने वाला मार्जिन 90 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये प्रति क्विंटल किया था। अब उत्तर प्रदेश सरकार ने इसमें अपनी ओर से 25 रुपये और जोड़ने का निर्णय लिया है। इस तरह कोटेदारों को कुल 125 रुपये प्रति क्विंटल लाभांश मिलेगा। अतिरिक्त 25 रुपये का खर्च राज्य सरकार अपने बजट से उठाएगी। वर्तमान में सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था के तहत खाद्यान्न सीधे राशन की दुकानों तक पहुंचाया जा रहा है। ऐसे में कोटेदारों को बढ़ा हुआ लाभांश देने का फैसला वितरण व्यवस्था को आर्थिक रूप से मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जुलाई से लागू होगा फैसला, नौ महीने का खर्च भी तय

कैबिनेट के प्रस्ताव के अनुसार, बढ़े हुए लाभांश का भुगतान जुलाई 2026 से किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जुलाई से मार्च तक नौ महीनों के लिए राज्य सरकार पर लगभग 168.75 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार आने का अनुमान है। पूरे साल के हिसाब से यह राशि करीब 225 करोड़ रुपये होगी। जानकारी के मुताबिक, एक औसत कोटेदार की मासिक आय लगभग 12 हजार रुपये है। ऐसे में प्रति क्विंटल लाभांश बढ़ने से उनकी कुल आमदनी में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, वास्तविक लाभ संबंधित दुकान पर वितरित किए जाने वाले खाद्यान्न की मात्रा पर निर्भर करेगा।

मुख्यमंत्री ने 16 अगस्त को की थी घोषणा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 16 अगस्त को लखनऊ स्थित लोकभवन में कोटेदारों का लाभांश 125 रुपये प्रति क्विंटल करने की घोषणा की थी। अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद यह फैसला लागू करने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार के इस कदम से प्रदेश में राशन वितरण का काम संभालने वाले हजारों कोटेदारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। साथ ही सरकार की कोशिश है कि उचित दर की दुकानों के संचालन से जुड़े लोगों को बेहतर आर्थिक आधार मिले और सार्वजनिक वितरण प्रणाली सुचारु रूप से चलती रहे।

READ MORE-एशियन गेम्स से बाहर हुआ भारत का ये मैच विनर गेंदबाज, इस खिलाड़ी को मिल सकता है मौका

Hot this week

बृजभूषण शरण सिंह ने PM मोदी को लेकर दिया बड़ा बयान, कहा- ‘कोई भी उनका बाल…’

पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img