बिहार की सियासी ज़मीन पर एक बार फिर कुछ नया पकता दिख रहा है। औंटा-सिमरिया पुल के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मंच पर केमिस्ट्री ने सबका ध्यान खींचा। समारोह के दौरान पीएम मोदी ने न केवल नीतीश कुमार का हाथ उठाकर उन्हें सम्मान दिया, बल्कि उनके बिहारी पहचान ‘गमछा’ को भी खुले मंच पर अपनाकर एक खास संदेश देने की कोशिश की। दोनों नेताओं की यह नजदीकी, खासकर हालिया राजनीतिक तनावों के बीच, कई संभावनाओं के संकेत दे रही है।
“जुग-जुग जीया हो” से गूंजा माहौल
कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों की भीड़ “जुग-जुग जीयS हो” जैसे नारों से गूंज उठी। गमछा ओढ़े मोदी ने मंच पर नीतीश कुमार का हाथ थामते हुए कहा कि यह पुल न केवल लोगों की दूरी घटाएगा, बल्कि दिलों को भी जोड़ेगा। इस दृश्य ने राजनीतिक विश्लेषकों को भी हैरान कर दिया, जो हाल ही में बीजेपी और जेडीयू के रिश्तों को लेकर खटास की बात कर रहे थे। मंच पर दोनों नेताओं के चेहरे पर मुस्कान और एक-दूसरे के प्रति सहजता साफ देखी जा सकती थी।
#WATCH | PM Modi, along with Bihar CM Nitish Kumar, inaugurates the Aunta – Simaria bridge project built on River Ganga. It will provide direct connectivity between Mokama in Patna and Begusarai.
Governor Arif Mohammed Khan, Union Minister Giriraj Singh and Deputy CMs Vijay… pic.twitter.com/oo0jEvrK4W
— ANI (@ANI) August 22, 2025
उल्लास और उमंग के माहौल के बीच बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े एक ऐतिहासिक अध्याय का साक्षी बनने का सौभाग्य मिला। औंटा-सिमरिया पुल का लोकार्पण राज्य के लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव लेकर आने वाला है। pic.twitter.com/0vpXlaYO6r
— Narendra Modi (@narendramodi) August 22, 2025
पुल बना बहाना, गठजोड़ की चर्चा तेज
औंटा-सिमरिया पुल गंगा नदी पर एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जो उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ता है। इस प्रोजेक्ट की शुरुआत वर्षों पहले हुई थी, लेकिन इसका समापन अब जाकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की संयुक्त उपस्थिति में हुआ। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि क्या यह साथ आना महज़ एक औपचारिकता थी या आने वाले चुनावों की तैयारी का संकेत? बिहार की राजनीति में ऐसे दृश्य विरले ही देखने को मिलते हैं, और जब दो दिग्गज इस तरह मंच साझा करें, तो सवाल उठना लाज़मी है।